द्वारका पुलिस ने अपहरण के मामले में फरार चल रहे और अदालत से भगोड़ा घोषित आरोपी मोहन को किया गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका जिले की पुलिस ने वर्ष 2018 में एक बच्चे के अपहरण के मामले में फरार चल रहे और अदालत से भगोड़ा घोषित आरोपी मोहन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना नाम बदलकर शादियों में ब्रास बजा रहा था।

दिल्ली ब्यूरो। साढ़े आठ साल के बच्चे के अपहरण के वांछित जिस आरोपी को पुलिस सात साल से तलाश कर रही थी, वह अपना नाम बदलकर शादियों में ब्रास बजा रहा था। पिछले साल मोहन नाम के इस आरोपी को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया। द्वारका साउथ थाना पुलिस ने नए सिरे से उसकी तलाश शुरू की और स्थानीय और तकनीकी जांच करते हुए उसे रोहिणी सेक्टर 24 की झुग्गी से गिरफ्तार कर लिया।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि मोहन उर्फ नूनी नाम का आरोपी के खिलाफ द्वारका साउथ थाने में 2018 में साढ़े आठ साल के बच्चे के अपहरण करने का मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ने बच्चे के एक महिला रिश्तेदार को अपने पास बुलाने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। उसने बच्चे को स्कूल से ही अगवा कर एक सुनसान जगह पर ले गया। साथ ही उसके परिवार वाले को धमकी दी। इस बात की भनक लगने के बाद बच्चे के शोर मचा दिया, आरोपी उसे छोड़कर भाग गया। बच्चे को रानीबाग थाना पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया। द्वारका नार्थ थाना पुलिस ने मामला दर्ज लिया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जमानत पर निकलने के बाद वह भाग गया। उसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आरोपी अदालत की सुनवाई में भी शामिल नहीं हो रहा था। अगस्त 2025 को द्वारका अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। उसके बाद एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में टीम ने मोहन उर्फ नूनी की नए स्तर से तलाश शुरू की। पुलिस ने उसके परिचितों पर निगरानी रखी और मुखबिरों को सक्रिय किया।
काफी निगरानी रखने के बाद पुलिस ने एक सूचना पर आरोपी को 30 मई को रोहिणी सेक्टर 24 के जेजे कॉलोनी स्थित झुग्गी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी संजय के नाम से यहां रह रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह मूलत: महुआ यूपी का रहने वाला था। वह शादियों के साथ ब्रास बजाता था, वहीं अन्य दिनों वह मजदूरी करता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।




