चीन में फिर कोरोना का कहर, महीने भर में करीब 80 हजार केस

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। दुनिया के कई देशों में कोविड-19 संक्रमण में समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और भारत में भी हाल के दिनों में कुछ नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आई खबरों ने लोगों के बीच चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में भारत में सामने आ रहे अधिकांश मामलों में संक्रमण हल्का है। हालांकि लोगों को लापरवाही न बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस बार संक्रमण का कोई संबंध चीन से है और क्या वहां स्थिति गंभीर हो रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चीन में जून महीने के दौरान कोविड-19 के करीब 79 हजार मामले दर्ज किए गए। 8 जुलाई को जारी चीनी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून के बीच 31 प्रांतीय क्षेत्रों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। इनमें 130 मरीजों की हालत गंभीर रही, जबकि एक मरीज की मौत हुई, जिसे पहले से गंभीर बीमारी थी।
हालांकि चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि वहां कोविड-19 का प्रकोप अभी भी निचले स्तर पर है और कोई नया खतरनाक वैरिएंट सामने नहीं आया है। इसी तरह भारतीय विशेषज्ञ भी मानते हैं कि SARS-CoV-2 अब एक स्थानिक (एंडेमिक) संक्रमण बन चुका है, जो समय-समय पर सामने आता रहेगा।
डॉक्टरों के अनुसार, वैक्सीनेशन और पहले के संक्रमण के कारण अधिकांश लोगों में प्रतिरक्षा विकसित हो चुकी है, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा काफी कम हो गया है। आंध्र प्रदेश में सामने आए मामलों में भी संक्रमितों ने वैक्सीन की दो या उससे अधिक डोज ले रखी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वैक्सीन संक्रमण को पूरी तरह रोकने के बजाय गंभीरता कम करने में मदद करती है।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग, स्वच्छता बनाए रखना और लक्षण दिखने पर समय पर जांच कराना जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां किसी बड़े खतरे की ओर संकेत नहीं करतीं। निगरानी, सतर्कता और आवश्यक सावधानियां ही संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय बने हुए हैं।




