उत्तर पूर्वी दिल्ली पुलिस ने खुद को गृहमंत्री का ओएसडी बताने वाले आरोपी को पकड़ा
प्रॉपर्टी पर कब्जा दिलाने के लिए अधिकारियों को कर दिया फर्जी कॉल

उत्तर पूर्वी दिल्ली। प्रॉपर्टी पर एक पार्टी को जबरन कब्जा दिलाने के लिए होम मिनिस्टर का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) बताते हुए पुलिस अफसरों के पास कॉल आते हैं। जांच अधिकारी को धमकी दी जाती है। ओएसडी का सहायक बता एक शख्स एसएचओ को ‘ऑर्डर’ देने थाने तक पहुंचा। तफ्तीश में गलत तरीके से कब्जा दिलाने की कोशिश का पता चला। दयालपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कथित ओएसडी नवीन कुमार (43) को अरेस्ट कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी ताज मोहम्मद और रवि ने इससे अप्रोच किया था। ताज पहले भी इससे कई काम करवा चुका है।
डीसीपी (उत्तर पूर्वी) राकेश पावरिया ने बताया कि दयालपुर थाने में 9 अक्टूबर की रात को बृजपुरी स्थित एक प्रॉपर्टी पर जबरन कब्जा करने की कॉल मिली। एसआई रवि पूनिया मौके पर पहुंचे। संजय कुमार और तौहीद मलिक दोनों खुद को प्रॉपर्टी का मालिक बताने लगे। तौहीद मकान के कागज पेश नहीं कर सका, जिसने कुछ समय और मांगा। फिर भी कागज नहीं दे सका। तौहीद की सिफारिश में ओएसडी का कॉल एसआई रवि के पास आने लगे, जो तौहीद को कब्जा दिलाने का दबाव बना रहा था। ऐसा नहीं करने पर नतीजा भुगतने की धमकी दी गई।
इसके बाद एसीपी गोकुलपुरी दीपक चंद्रा को भी कॉल किया जाने लगा। इसका एक सहायक एसएचओ दयालपुर अतुल त्यागी से मिलने पहुंच गया, जिन्होंने प्रॉपर्टी के दस्तावेज मांगे। इस पर वह डीसीपी की तरफ से कब्जे का ऑर्डर दिलाने की धमकी देकर चला गया। तफ्तीश में खुलासा हुआ कि वह गलत तरीके से कब्जा दिलाने का दबाव बना रहा है। आला अफसरों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एसआई जुगनू त्यागी की टीम ने कथित ओएसडी को उसके मोबाइल फोन की लोकेशन के जरिए नोएडा सेक्टर-51 से अरेस्ट कर लिया।
आरोपी नवीन कुमार मूल रूप से बिहार से है। पत्नी, एक बेटा और एक बेटी पटना में रहते हैं। यह 2016 में दिल्ली आया। ग्रैजुएट होने और मर्चेंट नेवी में काम कर चुकने का दावा किया है। यह दिल्ली-पंजाब के युवकों से ओएनजीसी में जॉब दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है। द्वारका में 2016 में, क्राइम ब्रांच में 2018 में और चंडीगढ़ विजिलेंस में भी इस पर जॉब के नाम पर ठगी के केस हैं। एक कैंडिडेट से ढाई लाख तक वसूलता था। फिलहाल नोएडा में 35 हजार महीना किराया दे रहा था।
सांसद बनवाने का झांसा देकर 2 करोड़ ऐंठे
दिल्ली के किशनगढ़ के नरेंद्र सिंह से राष्ट्रपति की तरफ से मनोनीत राज्यसभा सांसद बनवाने के नाम पर दो करोड़ की ठगी हुई। नवीन कुमार ने खुद को राष्ट्रपति का प्रोटोकॉल ऑफिसर बता कर यह रकम ऐंठी थी। इस मामले में 25 अप्रैल 2024 को किशनगढ़ थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी नवीन के अलावा गैंग के दूसरे मेंबरों को अरेस्ट किया था। अभी भी इसकी असम के एक शख्स से राज्यसभा सांसद बनवाने के लिए एक करोड़ रुपये की बातचीत चल रही थी।
नेपाल में हेलिकॉप्टर से उड़ा, 2 करोड़ की ठगी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नेपाल के वीरगंज के एक बिजनेसमैन साहू के बेटे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 2010 में दो करोड़ ऐंठे थे। इसके रौब में नेपाली प्रशासन आ गया, जिसने एक हाई स्कूल में स्पेशल हेलिपैड तैयार किया। यह हेलिकॉप्टर से उतरा तो वहां के आला अफसर अगवानी के लिए आए। बिजनेसमैन से मिलाने वाला बिचौलिया अवधेश चौधरी 1.80 करोड़ लेकर फरार हो गया। इसके हिस्से में 20 लाख रुपये ही आए थे।




