आईएएस रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा, यूपी की प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

लखनऊ/ब्यूरो। वर्ष 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही (IAS Rinku Singh Rahi) ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में राही ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। वे वर्तमान में राजस्व परिषद से संबद्ध चल रहे हैं।
राही ने उचित माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में कहा है कि एसडीएम रहते हुए की गई कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है। एक ईमानदार अधिकारी के लिए गरिमापूर्ण और सार्थक कार्य न मिलना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि उन्हें वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनता की सेवा का अवसर नहीं दिया जा रहा था, जो उनके लिए अस्वीकार्य था। ऐसे में उन्होंने इसे नैतिक और सैद्धांतिक निर्णय बताते हुए सेवा छोड़ने का कदम उठाया। इससे वे काफी आहत थे।
पिछले वर्ष जुलाई में शाहजहांपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के दौरान वकीलों के प्रदर्शन से जुड़ा उनका एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हुआ था। इसमें वे कान पकड़कर उठक-बैठक लगाते हुए दिख रहे थे। इसके बाद ही सरकार ने उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था।
रिंकू का नाम पहले भी सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण विभाग में तैनाती के दौरान उन्होंने करीब 80 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा किया था। इस कार्रवाई से नाराज माफिया ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगीं और एक आंख की रोशनी चली गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए वर्ष 2023 में आइएएस बनकर एक मिसाल कायम की।




