सातारा जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव का मुद्दा गरमाया, एसपी के निलंबन को लेकर एकनाथ शिंदे सेना बनाम भाजपा, बढ़ा तनाव

मुंबई/एजेंसी। सातारा जिला परिषद अध्यक्ष पद चुनाव विवाद का असर सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में देखने को मिला। एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मंत्री शंभूराज देसाई की विधान परिषद में शिकायत पर उप सभापति नीलम गोहें ने सातारा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निलंबित करने का आदेश दिया। वहीं सभापति राम शिंदे ने उपसभापति के निर्णय को ‘रिजर्व’ रखने की घोषणा की। यानी एसपी को निलंबित किया जाए या नहीं, इस पर अंतिम घोषणा सभापति करेंगे। सतारा मुद्दे पर विधानमंडल में सत्ताधारी बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए। इस मुद्दे पर शिंदे सेना- एनसीपी एकसाथ आ गई है, जबकि बीजेपी अकेले पड़ गई है। विधान परिषद में यह मुद्दा उठने के बाद शिंदे सेना और एनसीपी के मंत्री एवं विधायकों ने मंत्री शंभूराज देसाई के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ विधानमंडल की सीढ़ियों पर पोस्टर लेकर नारेबाजी और आंदोलन किया। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि लोगों को वोट देने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। जबकि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को विधान परिषद में शिंदे सेना के मंत्री शंभूराज देसाई ने यह मुद्दा उठाते हुए सातारा पुलिस पर उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया और कहा कि जब राज्य में मंत्री सुरक्षित नहीं है, तो जनता का क्या हाल होगा। शंभूराज देसाई ने मांग की है कि रिटायर्ड जजों से इस केस की जांच करवाते समय तुषार दोशी के पिछले करियर की भी जांच होनी चाहिए।
देसाई के आरोप पर उप सभापति नीलम गोहें ने घटना पर नाराजगी जताई और सातारा के एसपी को निलंबित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला परिषद चुनाव परिसर में सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए जाएं और डिविजनल कमिश्नर खुद इसकी जांच करें। बीजेपी ने इस फैसले का विरोध किया, जिसके बाद सभापति राम शिंदे ने उप सभापति के फैसले को रिजर्व रख लिया है। वहीं शिवसेना यूबीटी के अनिल परब ने शिंदे सेना पर तंज कसते हुए कहा कि सातारा में राजा मारे गए, दो राजा मारे जा रहे हैं, टाइगर कहां गए? बता दें कि सातारा जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में शिवसेना-एनसीपी गठबंधन ने 65 में से 35 सीटें जीतीं, वहीं बीजेपी 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। लेकिन अध्यक्ष पद पर बीजेपी उम्मीदवार की जीत हुई। शिंदे सेना ने इसके लिए बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सतारा जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में हुई गड़बड़ी पर कहा कि लोगों को वोट देने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। विधानसभा में बोलते हुए शिंदे ने कहा कि इलेक्शन से पहले शंभूराज देसाई और मकरंद पाटील ने उन्हें फोन करके बताया था कि अचानक दो वोटर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिए गए हैं। इसके बाद मैंने तुरत सतारा के एसपी तुषार जोशी से संपर्क किया और साफ निर्देश दिए कि वोटिंग पूरी होने तक किसी भी वोटर को न रोका जाए। हालांकि असल में दो वोटरों को हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे चुनाव प्रॉसेस पर सवाल उठे। इस पर मुख्यमत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में कहा कि पूरे मामले की पूरी जांच की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उप सभापति द्वारा सातारा एसपी को निलबित करने के निर्देश पर बीजेपी के मत्री जयकुमार गोरे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिना फैक्ट्स की रिपोर्ट मांगे एसपी को सस्पेड करने का आदेश कैसे दिया गया? उन्होंने मांग की कि एसपी का निलबन तुरत सस्पेड किया जाए। जयकुमार गोरे ने पूछा कि मत्री शंभूराज देसाई और मकरद पाटील जिला परिषद परिसर में कैसे गए? दोनों ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑर्डर क्यों नहीं माने।

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