फतेहपुर में 5G लाइन पुल पर टांगी गई, ठेकेदार और सभासद की साठगांठ से नियमों की अनदेखी

फतेहपुर में एयरटेल 5G नेटवर्क बिछाने का काम भ्रष्टाचार और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। जिस लाइन को भूमिगत किया जाना था, उसे ठेकेदार ने स्थानीय सभासद से मिलीभगत कर पुल पर टांग दिया। यह नियमों की खुली अनदेखी है, जिससे भविष्य में नेटवर्क फेलियर और सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम तेजी दिखाने के लिए गुणवत्ता की बलि दी जा रही है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है।
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिले में एयरटेल 5G नेटवर्क बिछाने का काम तकनीकी विकास से अधिक भ्रष्टाचार और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। सूत्रों के अनुसार जिस लाइन को तय मानकों के तहत जमीन के अंदर डाला जाना था, उसे ठेकेदार ने एक स्थानीय सभासद से मिलीभगत कर पुल के सहारे ऊपर-ऊपर टांग दिया। यह सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी और जिम्मेदारों की मिलीभगत का मामला है।
TRAI के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि नेटवर्क पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से भूमिगत किया जाना चाहिए, लेकिन फतेहपुर में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुल के सहारे इस तरह लाइन डालना न सिर्फ तकनीकी रूप से गलत है, बल्कि भविष्य में नेटवर्क फेलियर, दुर्घटना और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम तेजी से दिखाने के लिए गुणवत्ता और नियमों की खुली अनदेखी की जा रही है। बाहरी ठेकेदार बिना किसी प्रभावी निगरानी के मनमानी कर रहा है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस पूरे खेल की निगरानी कौन कर रहा है और अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर सन्नाटा कई संदेह खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर जोरदार मांग उठ रही है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ठेकेदार व उससे मिलीभगत करने वाले सभासद पर कार्रवाई हो।
जिले की जिलाधिकारी इस गंभीर मामले का संज्ञान लेंगी या फिर विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा—यह सवाल अब प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा बन चुका है।
खबर का छोटा सार बनाएं




