अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान के हमले में छह पाकिस्तानी सैनिक ढेर, बच्चे की मौत से भड़का तनाव

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर फिर संघर्ष हुआ है। इस बार तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमला कर छह सैनिकों को मार गिराया। तालिबान ने एक पाकिस्तानी सैनिक को पकड़ भी लिया है। यह संघर्ष स्पिन बोल्डक सीमा पर पाकिस्तानी सेना के हाथों के अफगान बच्चे की मौत के बाद भड़का।

काबुल/एजेंसी। पाकिस्तानी सैन्य बलों ने एक अफगान बच्चे को गोली मार दी, ज‍िससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद रविवार देर रात तनाव बढ़ गया। अफगान सीमा बल और पाक‍िस्‍तानी सेना के बीच झड़प हो गई। कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिले में अफगान सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई में कम से कम छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव चरम पर है। पाकिस्तान ने तालिबान के हमलों को देखते हुए भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है।
अमू टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह झड़प स्पिन बोल्डक इलाके में हुई, जो दोनों देशों के बीच एक अहम बॉर्डर क्रॉसिंग है। कंधार में तालिबान से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इस झड़प में छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और एक को पकड़ लिया गया। एक अन्य सैनिक का शव भी तालिबान के हाथ लगा। एक और चैनल, एरियाना न्यूज ने बताया कि इस झड़प के दौरान अफगान बलों ने कई हल्के और भारी हथियार भी अपने कब्जे में लिए। फरवरी के आखिर से ही तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे सीमा पर हिंसा जारी है।
वहीं, पाकिस्तान के जियो टीवी ने बताया कि साउथ वजीरिस्तान में अफगान तालिबान की गोलीबारी में तीन आम लोग घायल हुए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सुरक्षा सूत्रों ने इसे फितना अल-खवारिज आतंकियों की नाकाम घुसपैठ की कोशिश बताया। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना अंगूर अड्डा के जलोल खेल इलाके में हुई, जहां पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार से घुसने की कोशिश कर रहे आतंकियों को रोक दिया। इसके बाद अफगान तालिबान की तरफ से बिना उकसावे के फायरिंग की गई।
पिछले हफ्ते एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान का तालिबान के खिलाफ सख्त रवैया इस वजह से भी हो सकता है कि काबुल और नई दिल्ली के बीच बढ़ती नजदीकियों को काउंटर किया जाए। ‘जेरूसलम इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजी एंड सिक्योरिटी’ (जेआईएसएस) की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच यह संघर्ष फरवरी के आखिर से चल रहा है। दोनों तरफ से धमकियां दी जा रही हैं और सही आंकड़े बताना मुश्किल है। हाल ही में पाकिस्तान की ओर से अफगान इलाके में किए गए हवाई हमलों के बाद अक्टूबर 2025 में हुआ सीजफायर भी टूट गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि उसे फायदा मिलेगा और अफगान सरकार टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को काबू में रखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके उलट टीटीपी के हमले बढ़ गए और 2025 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच 2,400 से ज्यादा मौतें हुईं, जो एक दशक में सबसे ज्यादा हैं।

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