पुणे में जहरीली कच्ची शराब पीने से 18 लोगों की मौत, सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 48 घंटे में 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मुख्य आरोपी योगेश वानखडे को गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब (कच्ची शराब) पीने से पिछले 48 घंटों के भीतर 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। बीमार लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डाक्टर उनकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी और दापोड़ी क्षेत्रों में अब तक 13 लोग मारे जा चुके हैं। जबकि पुणे के काले पडल क्षेत्र में तीन एवं हड़पसर में दो लोगों की जान जा चुकी है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध कारोबार के मुख्य सूत्रधार योगेश वानखडे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, योगेश लंबे समय से इलाके में अवैध और जहरीली शराब की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस की कई टीमें आरोपित से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस लापरवाही और अवैध धंधे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई रसूखदार व्यक्ति हो या कोई प्रशासनिक अधिकारी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को पीड़ितों को तत्काल हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। इतने बड़े स्तर पर जहरीली शराब की बिक्री ने स्थानीय पुलिस और आबकारी (एक्साइज) विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध शराब की भट्टियों और बिक्री केंद्रों के बारे में समय-समय पर शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। फिलहाल पूरे पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और संदिग्ध शराब विक्रेताओं पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
जहरीली शराब की घटना के बाद महाराष्ट्र में सियासी पारा भी पूरी तरह चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर सरकार और गृह विभाग की नाकामी करार दिया है। विपक्ष ने गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग शुरू कर दी है।

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