शाहजहांपुर में अवैध फ्यूल पंप का भंडाफोड़, नकली डीजल-पेट्रोल की बिक्री करने वाले पांच लोग गिरफ्तार

शाहजहांपुर में रोजा थाना पुलिस ने नकली डीजल और पेट्रोल बेचने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 10 हजार लीटर तरल पदार्थ, फर्जी लाइसेंस और केमिकल के बिल बरामद किए हैं।

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर में रोजा थाना पुलिस टीम ने डिंगुरपुर गांव के पास संचालित अवैध पेट्रोल पंप का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां से नकली डीजल और पेट्रोल की बिक्री करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से दो पारदर्शी प्लास्टिक डिब्बा, एक फर्जी कूटरचित डीजल ऑयल विक्रय लाइसेंस, एक कंपनी से खरीदे गए केमिकल के चार बिल व करीब 10 हजार लीटर तरल पदार्थ बरामद किया है।
मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि 22 मई को पूर्ति निरीक्षक संजय कुमार यादव ने अपनी टीम के साथ डींगुरपुर गांव के पास बने पेट्रोल पंप से अनाधिकृत रुप से डीजल और पेट्रोल की बिक्री करने पर पंप की डिस्पेंसिंग यूनिट नोजल एवं दोनों भूमिगत टैंक को सील कर दिया था। साथ ही रोजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो टीमों का गठन किया था।
इसके बाद नामजद अभियुक्तों से पूछताछ की गई। इसी क्रम में सोमवार की रात 11.50 बजे मुखबिर की सूचना पर गुर्री गांव के पास से थाना निगोही के मुड़िया जमा खान गांव निवासी शिवराज वर्मा, थाना रोजा क्षेत्र के पिपरिया प्रह्लाद गांव निवासी पवन उर्फ अमन व बबलू उर्फ रॉकी, थाना सिंधौली क्षेत्र के मूड़ा हारिस गांव निवासी रामबरन उर्फ वीरेश, लखीमपुर खीरी जिले के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव ग्राम इब्राहिमपुर करियारा निवासी अशरफ अली खां को गिरफ्तार किया गया। आरोपी शिवराज वर्मा पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में रोजा के अलावा थाना निगोही व सेहरामऊ दक्षिणी में भी मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की गई है। पुलिस को पांचों ने पूछताछ में बताया है कि शिवराज वर्मा एवं नफीस अहमद द्वारा आपस में मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक अवैध पेट्रोल पंप संचालित किया जा रहा था। रामबरन तेल की व्यवस्था करते थे।
अधिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से पेट्रोल एवं डीजल में केमिकल मिश्रित कर उसकी बिक्री करते थे। बताया कि सभी करीब एक वर्ष से यह अवैध कार्य कर रहे थे। मिश्रित पेट्रोल व डीजल की बिक्री से उन्हें काफी अच्छा मुनाफा प्राप्त होता था। प्राप्त धनराशि को आपस में बराबर बराबर बांट लेते थे। वहीं, गेहूं की कटाई के दौरान अधिक बिक्री होती। जिससे इन्हें अधिक फायदा होता।

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