2 जून को केंद्रीय अस्पतालों में नर्सों का सामूहिक अवकाश, आउटसोर्सिंग के विरोध में सेवाएं करेंगी बंद

नर्सिंग अधिकारियों की संभावित आउटसोर्सिंग के विरोध में दिल्ली के केंद्रीय अस्पतालों की नर्सों ने 2 जून को सामूहिक अवकाश की घोषणा की है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों की संभावित आउटसोर्सिंग किए के विरोध में दो जून को नर्सों ने सामूहिक अवकाश लिए जाने की घोषणा की है। इससे दिल्ली के केंद्रीय अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को दो जून को प्रभावित होने की आशंका है। नर्स इस मामले को लेकर पहले से ही प्रतिदिन दो घंटे केंद्रीय अस्पतालों में विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के आह्वान पर केंद्रीय अस्पतालों की नर्सों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को फेडरेशन ने प्रदर्शन को तेज करने के लिए दो जून को सामूहिक अवकाश लिए जाने की निर्णय लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों को इसकी सूचना भेज दी है।
लेडी हार्डिंग मेडिकल काॅलेज (एलएचएमसी) और सुचेता कृपलानी अस्पताल (एसएसके) समेत केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों की आउटसोर्सिंग के विरोध में 2 जून 2026 को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (मास सीएल) पर जाने की घोषणा की है।
फेडरेशन की महासचिव अनीता पंवार ने बताया कि इस संदर्भ में फेडरेशन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि आउटसोर्सिंग प्रक्रिया पूरी तरह वापस नहीं ली गई तो नर्सिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उनके अनुसार 26 मई को डीजीएचएस की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने इसे अल्पकालिक व्यवस्था बताया था। आरोप लगाया कि इसे लेकर अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है। कहा कि पिछले छह महीनों में ज्ञापन, काला बैज प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर धरना जैसे कई चरणों में विरोध किया गया, फिर भी सरकार ने इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।

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