त्रिपुरा डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ का शव राज्य पुलिस मुख्यालय में मिलने से सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच में इसे सर्विस पिस्तौल से आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।

अगरतला/एजेंसी। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का शव राज्य पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई है। इस दुखद घटना के बाद पूरे पुलिस और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली लगने की घटना के बाद अनुराग धनखड़ को तत्काल अगरतला स्थित गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रदीप भौमिक ने बताया कि धनखड़ को दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय उनकी नब्ज और ब्लड प्रेशर नहीं था तथा जीवन के कोई संकेत नहीं मिल रहे थे। डॉक्टरों की टीम ने करीब 40 मिनट से अधिक समय तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी और दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच और मौके की परिस्थितियों के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि डीजीपी ने अपनी सर्विस पिस्तौल से खुद को गोली मारी। हालांकि, इस कदम के पीछे की वजहों का अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
अनुराग धनखड़ ने मई 2025 में अमिताभ रंजन की जगह त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला था। इससे पहले वे राज्य में डायरेक्टर जनरल (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उनका केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ भी लंबा और उल्लेखनीय कार्यकाल रहा, जहां उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे। वे अपने पेशेवर दृष्टिकोण, प्रशासनिक दक्षता और पुलिसिंग के व्यापक अनुभव के लिए जाने जाते थे तथा राज्य के वरिष्ठतम अधिकारियों में गिने जाते थे।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस महकमे में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। वहीं, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन परिस्थितियों या संभावित दबावों के चलते एक वरिष्ठ अधिकारी को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।




