गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर बना दिव्यांगों का दुश्मन, बिजली विभाग की मनमानी पर फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे लोग

स्मार्ट मीटर से हो रही परेशानियों के खिलाफ गुरुवार को दिव्यांगजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में दिव्यांग कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर इकट्ठा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।

गाजियाबाद। स्मार्ट मीटर से हो रही परेशानियों के खिलाफ गुरुवार को दिव्यांगजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में दिव्यांग कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर इकट्ठा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक लगे जाम के कारण कलेक्ट्रेट के बाहर कुछ देर के लिए यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आने जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगजनों ने आरोप लगाया कि इलाके में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल अनियमित रूप से बढ़कर आ रहे हैं। मीटर की रीडिंग को लेकर भी किसी तरह की पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनके कहना था कि अब हम जो कमा रहे हैं उससे अपने परिवार का पेट भरें या बिजली का भारी भरकम बिल जमा करें।
उनका कहना था कि स्मार्ट मीटरों की मार सबसे ज्यादा उनपर पड़ रही है, क्योंकि दिव्यांग होने के कारण उनके पास पहले से ही काम नहीं है। जो थोड़ा बहुत वो कमाते हैं तो अब ये मीटर लगने के बाद उस कमाई से बिजली का ये बिल कहां से भरें। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने से लोगों की जेब पर विद्युत विभाग ने बोझ तो बढ़ा दिया है, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति की और अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कामों में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। वे इससे पहले भी कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन दे चुके हैं और अपनी समस्या बता चुके हैं। लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। जमीन पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। अधिकारियों की अनदेखी से परेशान होकर ही उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा और प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्हें समझा बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दिव्यांगजनों से कहा कि उनकी स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी, जो भी खामियां मिलेंगी उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के हस्तक्षेप और समाधान के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट के बाहर बाधित यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। फिलहाल दिव्यांगजन प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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