उत्तराखंड में ऊर्जा निगम का कारनामा, तीन माह से बंद घर का बिजली बिल आया 1800 रुपये
लोहाघाट में ऊर्जा निगम द्वारा भेजे गए भारी-भरकम बिजली बिलों से व्यापारी आक्रोशित हैं। तीन माह से बंद घर का भी 1800 रुपये का बिल आने पर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और बिल सुधारने की मांग की।

चंपावत/उत्तराखंड। लोहाघाट में ऊर्जा निगम द्वारा अचानक भेजे गए भारी-भरकम बिजली बिलों को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी फैल गई है। कई उपभोक्ता बिल सुधारने की मांग करते हुए ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचे। लोगों ने बताया कि मनमाना बिजली का बिल बनाया जा रहा है। बंद घर का बिल भी भारी भरकम आना सवाल खड़े कर रहा है।
बुधवार को नगर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी के नेतृत्व में स्टेशन बाजार के व्यापारियों ने ऊर्जा निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया और बढ़े हुए बिल दिखाकर विरोध जताया। दिनेश सुतेड़ी ने बताया मेरा घर तीन महीने से बंद पड़ा है, ताला लगा हुआ है। फिर भी ऊर्जा निगम ने 18 सौ रुपये का बिल भेज दिया है। यह पूरी तरह अनुचित है।
स्टेशन बाजार के अन्य व्यापारी जगदीश राय का बिल 2,700,कमल राय का बिल: 2,300,कमल रावत का बिल 2,000 रुपये का आया है। व्यापारी धनश्याम जोशी ने बताया कि उनका बिल पिछले महीनों के मुकाबले चार गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा हम शाम को झुका में सिर्फ एक एलईडी बल्ब जलाते हैं और रात को मुख्य स्विच बंद रखते हैं।
पहले हमारा बिल अधिकतम 500 रुपये तक ही रहता था। इस बार तो हद पार कर दी गई है। व्यापारियों ने एक स्वर में ऊर्जा निगम से तत्काल बिलों में सुधार करने की मांग की। इस दौरान नवल राय, हरीश राय, मनोज राय समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
ऊर्जा निगम के अभियंता ललित बिष्ट ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता का बिल अत्यधिक बढ़ा है तो वह कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बिल की रीडिंग दोबारा ली जा सकती है और यदि उपभोक्ता चाहे तो चेक मीटर लगाने के लिए आवेदन कर सकता है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर बिल में संशोधन किया जाएगा।




