कड़ी सुरक्षा के बीच जन्मेंगे भगवान श्रीकृष्ण, करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

मथुरा,(उत्तर प्रदेश)। देशभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कृष्ण की जन्मस्थली पर भगवान के जन्मोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने यातायात से लेकर भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजामों के लिए कमर कस ली है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर सुरक्षा के लिहाज से आयोजित मासिक बैठक में सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद अंतिम रूप दे दिया गया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने यातायात से लेकर भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजामों के लिए कमर कस ली है। गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर सुरक्षा के लिहाज से आयोजित मासिक बैठक में सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद अंतिम रूप दे दिया गया। इस दौरान खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी है कि 40 से 45 लाख श्रद्धालु छह से आठ सितंबर के दौरान मथुरा में रहेंगे। एसएसपी ने भीड़ और सुरक्षा प्रबंधों के लिहाज से आगरा रेंज से लेकर शासन स्तर से अतिरिक्त फोर्स की मांग की है। बताया जा रहा है कि करीब 4500 जवान पुलिस, आरएएफ, पीएसी के रेंज और जोन स्तर से उपलब्ध करा दिए हैं। शासन स्तर से फोर्स भेजा जाना बाकी है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। पूरी योजना तैयार हो चुकी है। शहर के भीतर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारिकाधीश मंदिर को आने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। ड्रोन से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होगी। कई स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
होटल व्यवसाय की होने वाली है बल्ले बल्ले
जन्माष्टमी पर देश-विदेश से पर्यटकों का सैलाब उमड़ने वाला है। होटलों के अलावा आश्रम, धर्मशाला, गेस्ट हाउस भी श्रद्धालुओं से भरे रहेंगे। कुछ होटलों में ऑनलाइन बुकिग के जरिये सात और आठ सितंबर के लिए सभी कमरे बुक हो चुके हैं। मथुरा-वृंदावन होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जन्माष्टमी पर उत्साह देखने लायक होता है। जिले में 500 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस हैं, जबकि 300 से अधिक आश्रम हैं। जन्माष्टमी पर सभी फुल रहेंगे।
मंगला आरती की होगी लाइव स्ट्रीमिंग
वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन के इंतजामों को लेकर बहुत अधिक एहतियात बरती जा रही है। दरअसल, पिछले साल इसी पर्व पर मंगला आरती के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। पुलिस-प्रशासन इस बार ऐसी कोई भी चूक नहीं करना चाहता, जिससे फिर फजीहत झेलनी पड़े। मंदिर के सेवायतों से लेकर इलाके के प्रमुख लोगों से बातचीत की जा रही है। विचार यह भी हो रहा है कि मंगला आरती की लाइव स्ट्रीमिंग पूरे शहर में स्क्रीन लगाकर की जाए।

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