जयपुर पुलिस के सितारे हैं 6 पुलिसवाले, पढ़ें इनकी जांबाजी और होशियारी के किस्से

6 policemen are the stars of Jaipur Police, read the stories of their bravery and intelligence

जयपुर/एजेंसी। राजस्थान पुलिस के 6 जांबाज पुलिसकर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए जयपुर में ‘कांस्टेबल ऑफ दी मंथ’ अवॉर्ड से नवाजा गया है। मंगलवार को जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने पुलिस आयुक्तालय में एक कार्यक्रम में ये अवॉर्ड दिए। ये अवॉर्ड उन पुलिसकर्मियों को दिए जाते हैं जो पूरी लगन और मेहनत से लोगों की सेवा करते हैं।
जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि जयपुर पुलिस का मकसद है कि लोगों का पुलिस पर भरोसा बना रहे और अपराधियों के मन में खौफ हो। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद लोगों को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है। आयुक्त ने कहा कि ‘कांस्टेबल ऑफ दी मंथ’ पुरस्कार से पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ता है। साथ ही, दूसरे पुलिसकर्मी भी अच्छे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं। यह पुरस्कार योजना मार्च माह से शुरू हुई है।
कांस्टेबल ऑफ दी मंथ (जिला पूर्व) कांस्टेबल शंकर लाल
पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं जिला पूर्व के शंकर लाल (कांस्टेबल नंबर 7740)। उन्होंने कोटखावदा थाना क्षेत्र में एक कुख्यात चेन स्नैचर को पकड़ने में बहादुरी दिखाई। अपराधी ने उन पर जानलेवा हमला किया जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने अपराधी को भागने नहीं दिया।
गुमशुदा लड़की को 24 घंटे के अंदर ढूंढ़ने वाले इन्द्राजमल को मिला पश्चिम जिले से अवॉर्ड
इसी तरह, जिला पश्चिम के इन्द्राजमल (कांस्टेबल नंबर 6094) ने भी सराहनीय काम किया है। उन्होंने दो अलग-अलग मामलों में धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा, 15 गुम हुए मोबाइल फोन भी बरामद करवाए। इन्द्राजमल ने एक गुमशुदा लड़की को 24 घंटे के अंदर ढूंढ़ निकाला। एक अन्य मामले में, उन्होंने अपहरण की शिकार एक बच्ची को जल्द से जल्द बरामद करवाया। यह मामला धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज था।
बावरिया गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार करने वाले गिरधारी भी सम्मानित
जिला उत्तर के गिरधारी (कांस्टेबल नंबर 9759) ने भी ‘कांस्टेबल ऑफ दी मंथ’ का अवॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने आमेर थाना क्षेत्र के नटाटा गांव में हुई एक घटना में बावरिया गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन अपराधियों ने एक घर के बाहर सो रही एक बुजुर्ग महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति के कान से सोने की बाली छीनी थी। गिरधारी ने गुप्त सूचना के आधार पर इस गैंग का पर्दाफाश किया।
43 साल का रिकॉर्ड ठीक कराने वाले रघुनाथ को अवॉर्ड
जिला दक्षिण के रघुनाथ (कांस्टेबल नंबर 10085) ने भी बेहतरीन काम किया है। उन्होंने थाना क्षेत्र की सभी 33 बीटों को ई-साईन करवाया है। साथ ही, उन्होंने 1981 से अब तक के सभी अपराधियों का डेटा ऑनलाइन करवाया है। यह डेटा सीसीटीएनएस पर उपलब्ध है। रघुनाथ ने पुलिस थाना सोडाला के सभी पुराने रिकॉर्ड को भी एक जगह इकट्ठा करवाया है। इसके अलावा, उन्होंने सभी बीट से जुड़ी फाइलों को भी व्यवस्थित करवाया है।
जागरुकता के लिए भी सम्मान
यातायात शाखा के प्रेमसिंह (कांस्टेबल नंबर 6070) ने भी ‘कांस्टेबल ऑफ दी मंथ’ का अवॉर्ड जीता है। उन्होंने स्कूली बच्चों और आम लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने नए पुलिसकर्मियों, होम गार्ड जवानों और ट्रैफिक मार्शल को ट्रैफिक नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया।
चुनाव के दौरान खास ड्यूटी निभाई, राजेश का भी मिला सम्मान
चुनाव सेल आयुक्तालय जयपुर के राजेश भारद्वाज (कांस्टेबल नंबर 7112) को भी उनके काम के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने चुनाव से जुड़ी सभी जानकारियां समय पर राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस मुख्यालय को भेजीं। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चुनाव आयोग के ऐप ईएसएमएस पर सभी ज़रूरी जानकारियां समय पर अपडेट कीं। उनके प्रयासों से चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए।

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