राजस्थान के श्रीगंगानगर में 100 से ज्यादा गाय की मौत ,पोस्टमार्टम के बाद गरमाई सियासत

सड़ा-गला चारा और इलाज की अनदेखी का आरोप

श्रीगंगानगर/राजस्थान। श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के गांव भोमपुरा स्थित गौशाला में 100 से अधिक गोवंशों की दर्दनाक मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामला सामने आते ही प्रशासन, पशुपालन विभाग और पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर आ गया। गुरुवार तड़के से ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत गोवंशों में से कई का पोस्टमार्टम करवाया गया, वहीं बड़ी संख्या में मृत पशुओं को दफनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। गौ रक्षा दल के बबलू भाटी ने गौशाला प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गोवंशों को सड़ा-गला और घटिया चारा खिलाया गया, वहीं कड़ाके की सर्दी के बावजूद इलाज और देखरेख की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। इसी लापरवाही के चलते एक-एक कर गोवंश दम तोड़ते चले गए।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले गौशाला संचालक के लापरवाह रवैये के चलते वे अंदर तक नहीं जा पा रहे थे, लेकिन हालात बिगड़ने के बाद गांव वालों ने खुद आगे आकर चारे की व्यवस्था, ट्रैक्टरों से सफाई और देखरेख में सहयोग किया। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर संजीव मलिक ने बताया कि उनकी टीम कल रात से ही मौके पर मौजूद है। बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है और हरा चारा उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि खराब और सड़ा-गला चारा ही मौत की मुख्य वजह सामने आई है। बीकानेर से पहुंचे संत राजन प्रकाश ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से इस गौशाला से जुड़े हैं और उन्होंने 10 लाख रुपये अपनी जमीन बेचकर दान किए थे। इतनी बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत देखकर वे बेहद आहत हैं। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने तक आमरण अनशन की चेतावनी दी।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपेंद्र कुंदर ने इस पूरे मामले को घोर लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा कि गौशाला प्रबंधन के साथ-साथ प्रशासन भी बराबर का दोषी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी सिर्फ कागजों में निरीक्षण करते हैं और भाजपा हमेशा गोवंश के नाम पर राजनीति करती है। कुंदर ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मुद्दा सदन तक उठाया जाएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष करणपाल सिंह और पूर्व विधायक बलवीर लूथरा ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर से मुलाकात के बाद जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। दोनों नेताओं ने साफ कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। एसडीएम सुभाष चंद्र चौधरी ने बताया कि मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम करवाया गया है और बीमार पशुओं का इलाज जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई कार्यकारिणी के गठन तक गौशाला का संचालन प्रशासन की देखरेख में होगा और जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई तय है।

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