एक ही नंबर पर चल रहीं दो फॉर्च्यूनर बरामद, पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने आरोपी दबोचा

पश्चिमी दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और चोरी के वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पश्चिमी जिला एएटीएस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ही पंजीकरण नंबर पर चल रही दो टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी बरामद की हैं। इस मामले में पुलिस ने विवेक विहार निवासी 23 वर्षीय आर्यन मावी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों वाहन अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं। इनमें एक पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र से और दूसरा पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके से जब्त किया गया। तकनीकी जांच में दोनों वाहनों के चोरी के होने की पुष्टि हुई है।
एएटीएस टीम को सेकेंड हैंड वाहन डीलरों, संदिग्ध वाहनों और चोरी के वाहनों की जांच के लिए विशेष रूप से लगाया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों फॉर्च्यूनर वाहनों को ऑनलाइन सेकेंड हैंड वाहन बिक्री प्लेटफॉर्म के माध्यम से अलग-अलग खरीदारों को दिखाया जा रहा था।
आरोपी ने दोनों वाहनों पर एक ही पंजीकरण नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उन्हें अलग-अलग इलाकों में चलाया, जिससे पुलिस और आरटीओ जांच से बचा जा सके। पुलिस को आशंका है कि यह मामला ऑनलाइन डीलिंग और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वाहनों के दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद दोनों वाहनों को बरामद कर एएटीएस कार्यालय लाया गया। जांच में पाया गया कि दोनों पर एक ही पंजीकरण नंबर और समान चेसिस नंबर प्रदर्शित किया गया था।
वाहनों की वास्तविक पहचान की पुष्टि के लिए उन्हें टोयोटा के अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां तकनीकी जांच में दोनों एसयूवी चोरी की निकलीं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बरामद वाहनों में से एक का इस्तेमाल गांधी नगर थाने में दर्ज ठगी के एक मामले में भी किया गया था। इस संबंध में संबंधित जांच अधिकारी को सूचित कर दिया गया है।
फिलहाल दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के वाहनों को एक ही पंजीकरण और चेसिस नंबर के साथ कैसे संचालित किया जा रहा था और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका है या नहीं।




