दारुल उलूम देवबंद को लेकर विवाद गहराया, गंगाजल चढ़ाने के ऐलान पर प्रशासन सतर्क

देवबंद के दारुल उलूम मदरसे के नीचे शिवलिंग का दावा करते हुए हिंदू रक्षा दल ने गंगाजल चढ़ाने का दावा किया है। इसको लेकर जिले में विवाद गहराने लगा है।

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। सहारनपुर स्थित दारुल उलूम देवबंद मदरसे को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। हिंदू रक्षा दल ने मदरसे के नीचे शिवलिंग होने का दावा करते हुए सावन मास में वहां गंगाजल चढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 11 अगस्त को दारुल उलूम पहुंचने की घोषणा की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हिंदू रक्षा दल ने देवबंद स्थित इस प्रमुख इस्लामिक संस्थान में गंगाजल चढ़ाने की योजना का ऐलान कर सनसनी फैला दी है। जारी वीडियो संदेश में ललित शर्मा ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता हरिद्वार से गंगाजल लेकर देवबंद पहुंचेंगे। संगठन का आरोप है कि मदरसा परिसर के नीचे एक शिव मंदिर या शिवलिंग मौजूद है।
ललित शर्मा ने यह भी दावा किया कि संगठन ने पहले सहारनपुर प्रशासन से संपर्क कर इस मामले की जांच की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन ने स्वयं मदरसे में जाकर गंगाजल चढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस मुद्दे को लेकर अंतिम समय तक संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। देवबंद के सर्कल ऑफिसर अमित कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि दारुल उलूम देवबंद की स्थापना वर्ष 1866 में हुई थी और यह दक्षिण एशिया के प्रमुख इस्लामिक शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। इसकी स्थापना मौलाना मुहम्मद कासिम नानौतवी और मौलाना रशीद अहमद गंगोही ने की थी। यह संस्थान देवबंदी परंपरा के तहत इस्लामिक शिक्षा प्रदान करता है, जिसके लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां आते हैं।
प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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