स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’, समारोह ‘युवा शक्ति’ पर केंद्रित
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' गाया जाएगा, जिसकी अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

नई दिल्ली। आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। समारोह की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जो ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ देश को संबोधित भी करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अवसर ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक होगा। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पहली बार इस राष्ट्रीय गीत को लाल किले की प्राचीर से औपचारिक रूप से गाया जाएगा, जो समारोह को विशेष महत्व प्रदान करेगा।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है। इसमें वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में देश की युवा आबादी की भूमिका और योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
इधर, संसद ने हाल ही में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक’ पारित किया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ को अपमानजनक कृत्यों से कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है और इसे राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा दिया गया है।
हालांकि, इस विधेयक को लेकर लोकसभा में संक्षिप्त राजनीतिक बहस भी हुई। डीएमके ने इसका विरोध करते हुए सरकार पर राष्ट्रीय गीत के मुद्दे का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने संशोधन का समर्थन करते हुए कहा कि इससे नागरिकों को बिना किसी बाधा के ‘वंदे मातरम’ के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अधिकार सुनिश्चित होगा।




