देवरिया में बुजुर्गों को अब नहीं लगाने होंगे थाने के चक्कर, घर आकर समस्या सुनेगी पुलिस
देवरिया पुलिस अब बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके घर पहुंचेगी, जिससे उन्हें थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

देवरिया/उत्तर प्रदेश। बुजुर्गों को थाना या कोतवाली का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। समस्या को देखते हुए शासन के निर्देश पर अब थाना से पुलिस गांव में बुजुर्गों के घर पहुंचेगी व उनकी समस्या सुनकर समाधान करेगी। बुजुर्गों को अगर किसी ने परेशान किया तो पुलिस उससे निपटेगी। थानों पर कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट का शुभारंभ कर दिया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर मुथा अशोक जैन के निर्देश पर प्रत्येक थाने पर कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट (सीपीयू) बनाया गया है। थानों पर गठित कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट ने कार्य करना भी शुरू कर दिया है।
शनिवार को इसका शुभारंभ के क्रम में दिन में थानों से पुलिस कर्मी अपने-अपने थाना क्षेत्र के गांवों में जाकर बुजुर्गों एवं वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किए और उनकी समस्या सुनी। बुजुर्गों से उनसे संपर्क के लिए मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मी वरिष्ठ नागरिकों के घरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर उनसे आत्मीय वार्ता की। बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, सामाजिक समस्या, साइबर अपराध, धोखाधड़ी अथवा अन्य किसी भी परेशानी की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस टीम ने सुरौली थना क्षेत्र के सुरौली पैकोली, मझगांवा, रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने दुग्धेश्वर नाथ मंदिर, सहनकोट मंदिर, बघौच घाट थाना क्षेत्र में मलवाबर, बनरही, गौरी बाजार थाना पुलिस ने सीएचसी गौरी बाजार, ब्लाक गौरी बाजार, ब्लाक बैतालपुर सोपारी खुर्द, बनकटा थाना पुलिस ने बनकटा स्टेशन, बंजरिया बाजार आदि गांवों में बुजुर्गों से संपर्क कर इसके बारे में जानकारी दी।
वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न साइबर अपराधों एवं आनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें पुलिस हेल्पलाइन सेवाओं, आपातकालीन सहायता नंबरों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी प्रदान की गई।
वरिष्ठ नागरिकों उदय शंकर शुक्ल, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, मनोज सिंह, राजकुमार सिंह, शिवराम मणि आदि ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज एवं पुलिस के मध्य विश्वास और समन्वय को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।




