पोलैंड की 700 साल पुरानी ‘साल्ट माइन’, जहां जमीन के 300 मीटर नीचे बसी है नमक की अद्भुत दुनिया
पोलैंड में स्थित 700 साल पुरानी विएलिजका सॉल्ट माइन हर साल रिकॉर्ड पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। ऐसे में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पोलैंड ने यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भीड़ को नियंत्रित करना शुरू किया है। इस सॉल्ट माइन में 2025 में 19 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे।

वारसॉ/एजेंसी। पोलैंड की करीब 700 वर्ष पुरानी विएलिजका सॉल्ट माइन (नमक की खदान) अपनी अद्भुत खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लगभग 327 मीटर गहरी यह खदान सदियों तक नमक उत्पादन का प्रमुख केंद्र रही, लेकिन वर्ष 1996 में यहां खनन कार्य बंद कर दिया गया। इसके बाद से यह स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में इस ऐतिहासिक सॉल्ट माइन में 19.1 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया, जो इसके इतिहास में अब तक की सर्वाधिक वार्षिक संख्या है। हर साल यहां लाखों पर्यटक इसकी अनोखी संरचना और कलात्मकता को देखने पहुंचते हैं।
विएलिजका सॉल्ट माइन नौ स्तरों में फैली हुई है और इसकी सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 245 किलोमीटर है। इस विशाल खदान में 2,000 से अधिक कक्ष मौजूद हैं, जो आकार में काफी बड़े और विस्तृत हैं। खनिकों और कलाकारों ने नमक की चट्टानों को तराशकर यहां अद्भुत मूर्तियां, भूमिगत झीलें और भव्य चैपल (ईसाई प्रार्थना स्थल) तैयार किए हैं। इन चैपलों की विशेषता यह है कि झूमर से लेकर मूर्तियां और अन्य कलाकृतियां भी नमक से ही निर्मित हैं।
यह सॉल्ट माइन पोलैंड के प्रमुख शहर क्राकोव से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां क्राकोव सेंट्रल स्टेशन से ट्रेन या सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। पिछले एक दशक में यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिसे देखते हुए पोलैंड सरकार ने पर्यटकों की सुविधा के लिए एआई आधारित चैटबॉट्स की शुरुआत की है। क्राकोव स्थित कंपनी चैटलैब द्वारा विकसित ये चैटबॉट्स 20 भाषाओं में पर्यटकों के सवालों का जवाब देने में सक्षम हैं और वर्तमान में कुल संवाद का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा संभाल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार विएलिजका सॉल्ट माइन का निर्माण लगभग 1.35 करोड़ वर्ष पूर्व शुरू हुआ था, जब टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण यूरोप के एक हिस्से में मौजूद समुद्र पीछे हट गया। इस प्राकृतिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कार्पेथियन पर्वत श्रृंखला के आसपास नमक के विशाल भंडार बने, जिन्हें हैलाइट कहा जाता है। यह पर्वत श्रृंखला पोलैंड, चेक गणराज्य, स्लोवाकिया, रोमानिया, यूक्रेन, हंगरी और सर्बिया तक फैली हुई है।
इस खदान की चट्टानों में 90 से 95 प्रतिशत तक नमक पाया जाता है। अशुद्धियों की उपस्थिति के कारण इसका रंग सफेद के बजाय स्लेटी दिखाई देता है। अपनी अनूठी संरचना, ऐतिहासिक महत्व और कलात्मक सौंदर्य के चलते विएलिजका सॉल्ट माइन आज विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण के रूप में स्थापित हो चुकी है।





