गोरखपुर में सिपाही ने 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर की दरिंदगी, रेप के बाद बच्ची की गर्दन तोड़ी, हाथ बांध नदी में फेंक दिया!
गोरखपुर में तैनात सिपाही अभिषेक यादव 10 साल की बच्ची को जिला अस्पताल से अपने साथ नदी किनारे ले गया। वहां उसने एक घंटे तक दरिंदगी की।

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। डायल 112 पर तैनात सिपाही अभिषेक यादव पर आरोप है कि उसने जिला अस्पताल से एक 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर शव फेंककर फरार हो गया।
घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोग आरोपी सिपाही के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को जब आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उस पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई कर दी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अभिषेक यादव ने बताया कि उसकी ड्यूटी मंगलवार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक गोरखनाथ रोड स्थित चीउटहा पुल के पास थी। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह करीब 8:30 बजे दवा लेने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उसने बच्ची को घर छोड़ने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। आरोपी उसे सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर दी। इसके बाद वह पुलिस लाइन पहुंचा, कपड़े बदले और फिर ड्यूटी स्थल पर लौट गया।
परिजनों के अनुसार, बच्ची के देर रात तक घर न लौटने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। बड़ी बहन ने बताया कि एक पुलिस वर्दीधारी व्यक्ति अस्पताल में उनसे पूछताछ कर रहा था और घर छोड़ने की बात कह रहा था। परिजनों ने खोजबीन के बाद स्थानीय थाने में सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिससे बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद देर शाम बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। बच्ची की बड़ी बहन ने बताया कि वे पांच बहनें हैं और उनका कोई भाई नहीं था। मृत बच्ची पढ़ाई में अच्छी थी और डॉक्टर बनकर मां का इलाज करने का सपना देखती थी।
इस दर्दनाक घटना के बीच परिवार में एक और मोड़ तब आया जब बच्ची के अंतिम संस्कार के बाद घर लौटी गर्भवती मां को प्रसव पीड़ा हुई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। घर में एक ओर नवजात की किलकारी गूंजी, वहीं दूसरी ओर मासूम की मौत का मातम पसरा रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी अभिषेक यादव वर्ष 2016 बैच का सिपाही है और 2018 में उसकी नियुक्ति हुई थी। वह मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में डायल 112 पर तैनात था। वर्ष 2025 में भी वह एक छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका है और बाद में पुनः बहाल हुआ था। आरोपी के परिवार में पत्नी और एक 7 वर्षीय बच्ची है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




