मुजफ्फरनगर में अनोखी कांवड़ यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र, तीन दोस्तों की आस्था ने खींचा ध्यान
मेरठ के सोनू कुमार और निखिल अपने एक अन्य साथी के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। वह मेरठ के शिव मंदिर में यात्रा का समापन करेंगे।

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान इस बार आस्था के कई अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं में से एक मेरठ के तीन शिवभक्त दोस्तों की टोली है, जो अपनी अलग-अलग शैली की कांवड़ यात्रा के कारण श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बुधवार देर रात हरिद्वार से चलकर जब यह टोली मुजफ्फरनगर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए जोरदार स्वागत किया।
मेरठ के नगला तासीर निवासी सोनू कुमार, निखिल और उनके तीसरे साथी ने 10 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल उठाकर अपनी यात्रा शुरू की थी। तीनों शिवभक्तों ने अपनी भक्ति को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया है। सोनू कुमार पूरी यात्रा दंडवत करते हुए तय कर रहे हैं, जबकि उनके साथी निखिल दौड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं। वहीं तीसरे शिवभक्त अपने कंधों पर 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर दोनों साथियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
यात्रा के दौरान यह अनोखी टोली जहां भी पहुंचती है, वहां श्रद्धालु और स्थानीय लोग उनकी आस्था, समर्पण और कठिन तपस्या की सराहना करते नजर आते हैं। कई लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं तो कई उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना कर रहे हैं।
हरिद्वार से हर की पौड़ी का पवित्र गंगाजल लेकर हर साल करोड़ों शिवभक्त मुजफ्फरनगर के रास्ते दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर रवाना होते हैं। इस दौरान अनेक प्रकार की आकर्षक और अनोखी कांवड़ यात्राएं देखने को मिलती हैं, लेकिन तीन दोस्तों की यह टोली श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है।
दंडवत कांवड़ यात्रा कर रहे सोनू कुमार ने बताया कि उनकी यह यात्रा किसी व्यक्तिगत इच्छा के लिए नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और एकता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि उनकी मनोकामना है कि सभी 36 बिरादरी प्रेम और सौहार्द के साथ एकजुट रहें। उनके दोनों साथी भी इसी भावना के साथ यात्रा कर रहे हैं। 10 जुलाई को हरिद्वार से 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर निकले ये शिवभक्त अपनी यात्रा का समापन मेरठ के नगला तासीर स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक कर करेंगे।




