वर्दी में रील बनाने वाली पूर्णिया की महिला थानेदार शबाना आजमी सस्पेंड

बिहार पुलिस ने अपने रीलबाज पुरुष-महिला अफसर और सिपाहियों पर गाज गिरानी शुरू कर दी है। एक तो आज ही सस्पेंड कर दी गईं और 40 ऐसे पुलिसवाले राडार पर भी आ गए हैं। खुद पीएचक्यू से सोशल मीडिया सेल ने इसको लेकर मोर्चा संभाल लिया है।
पटना/एजेंसी। पूर्णिया की महिला थाने की थानेदार शबाना आजमी को सस्पेंड कर दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने वर्दी में रील बनाई जो पुलिस की एसओपी के खिलाफ है। शबाना ने कई रील बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किए थे। इसके बाद पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसी बीच एक बड़ी खबर पुलिस मुख्यालय से और भी आई है।
किसी भी पुलिस कर्मी को वर्दी पहनकर या ड्यूटी के दौरान रील बनाने की अनुमति नहीं है। इससे संबंधित जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एओपी) का पालन हर हाल में सभी पुलिस कर्मियों को करना अनिवार्य होगा। इसका उल्लंघन करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई होगी। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय के (सोशल मीडिया सेंटर) के स्तर से एक सख्त दिशा-निर्देश वाला पत्र जारी किया गया है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) के स्तर से सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक रेल इकाई समेत सभी को भेजा गया है।
इस पत्र में स्पष्टतौर पर उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया गया है। बावजूद इसके कई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर ऐसा करते पाए गए हैं। ऐसे पदाधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ नियमानुकूल उचित कार्रवाई करने के लिए सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी स्तर के पुलिस कर्मियों से एसओपी प्रक्रिया का अनुपालन कराने के लिए भी कहा गया है।
पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर की तरफ से मॉनिटरिंग में अब तक जो भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी ऐसा करते पाए गए हैं, उनकी पूरी सूची भी इस पत्र के साथ सभी जिलों को भेजी गई है। ऐसे कर्मियों की संख्या लगभग 40 है। इसमें पटना जिला से सर्वाधिक 10 के आसपास पुलिस कर्मी शामिल हैं। इसमें सिपाही से लेकर दारोगा तक के पदाधिकारी मौजूद हैं। सर्वाधिक संख्या महिला सिपाहियों की है। इसका अनुपालन सभी जिलों को पूरी शिद्दत से कराने के लिए कहा गया है।



