जिस बेटी की हत्या मानकर महाराष्ट्र पुलिस ने पिता-भाई को भेजा जेल, वह मिली जिंदा

महाराष्ट्र पुलिस ने एक सिर कटी और जली लाश को बुरहानपुर की लापता शिवानी का बताकर उसके माता-पिता को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। अब शिवानी खुद थाने पहुंचकर अपने जीवित होने का प्रमाण दिया, जिससे महाराष्ट्र पुलिस की लापरवाही उजागर हुई और मृत शरीर की पहचान पर सवाल खड़े हो गए।

बुरहानपुर/मध्य प्रदेश। महाराष्ट्र पुलिस ने अपने यहां मिली सिर कटी और जली लाश मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की एक लापता युवती शिवानी की बताकर हत्या के आरोप में उसके माता-पिता को जेल भेज दिया। ऐसे में, मृत मानी जा रही शिवानी ने थाने पहुंचकर अपने जीवित होने के साक्ष्य दिए तो हर कोई हैरान रह गया। इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस की लापरवाही सामने आने के साथ ही यह सवाल खड़ा हो गया है कि जिस युवती के शव को जिंदा शिवानी का बताया गया, वह कौन थी।
घटनाक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र के खड़की गांव निवासी युवती शिवानी दो माह पहले 24 अप्रैल को घर से लापता हो गई। काफी तलाशने के बाद भी कोई पता नहीं लगने पर एक मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इस बीच, गांव के युवक अर्जुन के भी लापता होने की जानकारी पुलिस को मिली तो जांच में पाया गया कि वे दोनों साथ में गए हैं।
दोनों स्वजन ने मान लिया था कि वे शादी करके कहीं रह रहे थे, लेकिन इसी दौरान महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद थाना क्षेत्र में एक युवती की सिर कटी और जली हुई लाश बरामद हुई। शिवानी की गुमशुदगी की सूचना चूंकि महाराष्ट्र पुलिस को भी दी गई थी। ऐसे में महाराष्ट्र पुलिस बुरहानपुर पहुंची। यहां उसने खकनार थाना पुलिस से जानकारी लेने के बाद अज्ञात युवती के शव को शिवानी का मानकर कार्रवाई कर डाली। संदेह के आधार पर शिवानी के पिता बापूराम कलमेकर और भाई अजय को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वे दोनों बुलढाणा जेल में बंद हैं। मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब शिवानी बुधवार रात बुरहानपुर के खकनार थाने पहुंची। बताया कि मैं जिंदा हूं और मेरे पिता व भाई को गलत तरह से जेल भेजा गया है। उन्हें रिहा किया जाए।
थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि युवती की पहचान की पुष्टि आधार कार्ड, सरकारी दस्तावेज और फिंगर प्रिंट से कराई गई, जो सही पाए गए हैं। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के अतंर्गत अब शिवानी का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में उसके बयान दर्ज होंगे। न्यायालय के आदेश पर ही उसके पिता और भाई की रिहाई संभव होगी। खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव का कहना है कि शिवानी के सामने आने की सूचना महाराष्ट्र पुलिस को दे दी गई है। आगे की पड़ताल उसी को करनी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button