आईआईटी कानपुर में बीटेक छात्र ने की आत्महत्या, तीन दिन तक हॉस्टल के कमरे में लटका रहा शव

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर से एक विद्यार्थी की आत्महत्या का मामला सामने आया है। आईआईटी कानपुर से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी और बीटेक फाइनल ईयर के छात्र धीरज सैनी ने अपने हॉस्टल कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, धीरज का शव कमरे में 2 से 3 दिन तक लटका रहा और जब कमरे से तेज बदबू आने लगी, तब साथियों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची आईआईटी प्रशासन और पुलिस टीम ने दरवाजा खोला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
धीरज सैनी आईआईटी कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र थे। वे हॉस्टल नंबर-1 के कमरे नंबर 123 में रहते थे। वे हाईजंप के खिलाड़ी भी थे। रविवार रात तक उनकी अपने दोस्तों से बातचीत हुई थी, इसके बाद से उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। साथी छात्र इवेंट्स में व्यस्त रहे, जिस कारण देर से घटना का पता चला।
कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि शव तीन दिन पुराना लग रहा है। कमरे के बाहर अपशिष्ट पदार्थ और बदबू फैलने पर साथियों ने प्रशासन को सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। धीरज के पिता सतीश कुमार, निवासी बुधौली रोड, शकरकुली, महेंद्रगढ़ (हरियाणा), को इस घटना की सूचना मिलते ही गहरा सदमा लगा।
छात्रों ने बताया कि धीरज पिछले कुछ दिनों से चुपचाप रहता था, लेकिन किसी ने अंदेशा नहीं लगाया था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। आईआईटी प्रशासन और पुलिस अब आत्महत्या की वजह जानने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि तीन दिनों तक हॉस्टल में छात्र का शव लटके रहने के बाद भी किसी को खबर नहीं हुई। इस पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल खड़ा किया जा रहा है।




