पाकिस्तान से गाजियाबाद के युवक के खाते में फंडिंग, बिहार से कंट्रोल हो रहा था खाता, आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद। यूपी एटीएस व आईबी की टीम ने मोदीनगर के भोजपुर थाना क्षेत्र के कस्बा फरीदनगर में छापेमारी कर आरोपित रियाजुद्दीन को पकड़ा है। आरोपित के खाते से स्लीपर सेल के खाते का लेनदेन सामने आया है। आरोपित के खाते में एक महीने में 70 लाख रुपये की फंडिंग पाकिस्तान से हुई।
बिहार से कंट्रोल कर रहा था खाता
यह खाता फरीदनगर स्थित केनरा बैंक में है, जिसे बिहार के पश्चिमी चंपारण के इजहारुल हुसैन द्वारा कंट्रोल किया जा रहा था। इसके बदले रियाजुद्दीन को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे। पिछले दिनों बैंक की तरफ से खाते की जानकारी आईबी को दी गई थी। आईबी ने यूपी एटीएस से संपर्क कर छापेमारी की।
रियाजुद्दीन से पूछताछ में पर्दाफाश हुआ। सूत्रों की मानें तो स्लीपर माड्यूल पर पूरा काम चल रहा था। भारतीय गतिविधियों की सूचना पाकिस्तान तक भेजने के लिए फंडिंग हो रही थी। अभी रियाजुद्दीन का एक खाता सामने आया है। ऐसे ही कितने ही रियाजुद्दीन देश में होंगे। इसी पर टीम काम कर रही है।
सूत्रों की माने तो आरोपित संपर्क करने के लिए इंटरनेट कॉलिंग का सहारा लेते थे। लखनऊ एटीएस ने केस दर्ज कराया है। इजहारुल हुसैन अभी फरार है। आरोपित रियाजुद्दीन तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसके पिता अनवर की फरीदनगर में ही वेल्डिंग की दुकान है। एक साल पहले रियाजुद्दीन का परिवार में विवाद हो गया था।
तभी से वह हापुड़ के पिलखुवा में रहने लगा। वहां उसने खराद (फर्निशिंग) का काम शुरू किया। तीन-चार महीने में वह फरीदनगर आता है। सूत्रों के मुताबिक, दो साल पहले रियाजुद्दीन दिल्ली में खराद की फैक्ट्री में काम करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात इजहारुल से हुई। रियाजुद्दीन की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी।




