राम मंदिर दान विवाद पर अयोध्या में सपा का प्रदर्शन, पोस्टर पर जूते मारने को लेकर बढ़ा सियासी घमासान
अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते मारने का मामला गरमा गया है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। राम मंदिर दान चोरी से जुड़े विवाद को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। संसद परिसर में हुए कथित नाटक के बाद शुरू हुआ विवाद अब अयोध्या की सड़कों तक पहुंच गया है। सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।
सपा कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत प्रसाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव और लीलावती कुशवाहा ने किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।
अजीत प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा भी धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में आपत्तिजनक गतिविधियां की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम और सांसद अनुराग ठाकुर से जुड़े उदाहरणों का हवाला देते हुए सवाल उठाए।
अजीत प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाने की घटना उनके दलित समाज से आने के कारण हुई, जो पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में दलित समाज इसका जवाब देगा।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले अयोध्या में संत समाज द्वारा संसद परिसर में हुए एक नाटक के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। इस नाटक में सपा से जुड़े कुछ नेताओं के चित्रण पर आपत्ति जताई गई थी। प्रदर्शन के दौरान अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला और तूल पकड़ गया।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और प्रदेश की राजनीति में यह विवाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है।




