आईएपी के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोपों में एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट की शिकायत पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स के ईस्ट जोन के संयुक्त सचिव डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पेशेवर मार्गदर्शन के लिए शुरू हुआ संबंध बाद में व्यक्तिगत और भावनात्मक स्तर तक पहुंच गया तथा कथित तौर पर उनका शोषण किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया गया है।
शिकायत के आधार पर 4 जून 2026 को दर्ज प्राथमिकी संख्या 0241 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 75 और 79 के तहत आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, अगस्त 2025 में फेसबुक संदेश के माध्यम से उनकी डॉ. जॉन से पहली बातचीत हुई थी। आरोप है कि उन्होंने स्वयं को वरिष्ठ पेशेवर बताते हुए करियर मार्गदर्शन, पेशेवर नेटवर्क बनाने और फिजियोथेरेपी क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने में मदद का भरोसा दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि समय के साथ पेशेवर बातचीत व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध में बदल गई। उन्हें पेशेवर पहचान, विभिन्न संगठनों में पद, व्याख्यान एवं प्रकाशन के अवसर तथा क्लिनिक स्थापित करने में सहायता का भरोसा दिया गया। शिकायत के मुताबिक, इन्हीं आश्वासनों के चलते वह आरोपी पर भरोसा करने लगीं।
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि डॉ. जॉन विवाहित होने के बावजूद उनसे भावनात्मक रूप से जुड़े रहे और अपनी पत्नी से अलग रहने की बात कही। शिकायत के अनुसार, 27 मार्च 2026 को दिल्ली आने-जाने के लिए टिकट की व्यवस्था किए जाने के बाद दोनों की मुलाकात हुई और आरोप है कि भरोसे तथा किए गए वादों के आधार पर उनके बीच व्यक्तिगत एवं यौन संबंध बने।
नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों को सार्वजनिक किया। उन्होंने दावा किया कि शिकायत से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को प्राथमिकी में शामिल नहीं किया गया, जबकि उन्होंने जांच अधिकारी को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित घटना के दौरान उन्हें उनकी जानकारी के बिना कुछ पिलाया गया, जिसका उल्लेख प्राथमिकी में नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरे घटनाक्रम का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा और उन्हें इससे उबरने में समय लगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता के कानूनी सलाहकार हितेन मेहता तथा भावसर एंड मेहता एंड कंपनी की अधिवक्ता कृति भावसर और सहयोगी अधिवक्ता एशना कुमार भी मौजूद रहीं। उन्होंने मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर तथ्यों को सामने लाने की मांग की। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।




