गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का सागर: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का राधा स्वरूप, प्रदेशभर में उमड़ा जनसैलाब
गुरु पूर्णिमा के मौके पर संत प्रेमानंद महाराज एक अलग ही रूप में नजर आए। भक्त उनके राधा रानी स्वरूप को देखकर भक्ति सागर में डूबते रहे।

मथुरा/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मथुरा के वृंदावन से एक ऐसी अद्भुत झलक सामने आई, जिसने हर किसी को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। संत प्रेमानंद महाराज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राधा रानी के स्वरूप में नजर आए, जिसे देखकर भक्त भावविभोर हो उठे।
संत के इस दिव्य रूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। शिष्यों ने उनकी अगवानी में करीब 50 मीटर तक मार्ग में फूल बिछाए। दर्शन के दौरान भक्तों ने दंडवत प्रणाम किया और पुष्प वर्षा कर अपनी आस्था प्रकट की। प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्री राधा केली कुंज के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। संत स्वयं आश्रम से बाहर आकर भक्तों को दर्शन दिए, जिससे किसी को निराश नहीं होना पड़ा।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। महायोगी गुरु गोरखनाथ की दिनभर पूजा चलती रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रदेश भर में गुरु पूर्णिमा का उत्साह देखने को मिला। अयोध्या में लगभग 100 मंदिरों को फूलों से सजाया गया, जबकि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने सरयू घाटों पर स्नान शुरू कर दिया था। प्रयागराज में संगम तट पर भी आस्था की डुबकी लगाने वालों की भीड़ उमड़ी। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से लेकर बांके बिहारी मंदिर तक श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। हर ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा, जिसने गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को और भी सशक्त किया।




