भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हाइड्रोजन ट्रेन में किया सफर, रेलवे में बदलावों को बताया नई तकनीक का दौर
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई 2026 को जींद से सोनीपत के बीच शुरू किया गया था। यह ट्रेन गोहाना समेत इस रेलखंड के कई स्टेशनों से होकर गुजरती है।

जींद,हरियाणा। हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने गोहाना से हाइड्रोजन ट्रेन में सफर कर जींद तक की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे में हो रहे तकनीकी बदलावों और आधुनिक यात्री सुविधाओं का उल्लेख करते हुए हाइड्रोजन ट्रेन को स्वच्छ परिवहन की दिशा में नई पहल बताया।
अर्चना गुप्ता ने कहा कि हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक से रेलवे में स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीक को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यकाल में रेलवे के विकास, रेल नेटवर्क के विस्तार और यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया।
उन्होंने रेलवे में स्वच्छता को लेकर किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि उनके अनुसार वर्ष 2004 से 2014 के बीच करीब 10 हजार जैव-शौचालय बनाए गए थे, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 3.66 लाख जैव-शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे समेत कई तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने रेल पटरियों के निर्माण और रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने चिनाब नदी पर बने रेलवे पुल को देश के रेल ढांचे की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रेलवे के जरिए कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्री परिवहन के साथ देशभर में माल ढुलाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली उत्पन्न करती है और इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प होता है।




