झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी सहयोग को नई दिशा
झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी सीईटीपी सोसायटी और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन हुआ। इसके तहत औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, सीईटीपी की कार्यप्रणाली, शोध, तकनीकी प्रशिक्षण और वैज्ञानिक समाधान पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।

पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी सीईटीपी सोसायटी और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग का उद्देश्य सीईटीपी से जुड़े पर्यावरणीय और तकनीकी विषयों पर शोध, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है।
समझौते के तहत औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सीईटीपी की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त शोध एवं तकनीकी सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा शोध परियोजनाओं, तकनीकी क्षमता विकास, नई प्रक्रियाओं और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों में भी दोनों संस्थान सहयोग करेंगे। खास बात यह है कि इस समझौते से सीईटीपी सोसायटी पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। दोनों पक्ष संबंधित गतिविधियों का खर्च अपने उपलब्ध संसाधनों से वहन करेंगे।
इस अवसर पर सीईटीपी सोसायटी के चेयरमैन डॉ. अनिल गुप्ता, प्रधान राकेश बंसल, महासचिव नरेंद्र चौवड़ा और कोषाध्यक्ष विनीत जैन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. आर.के. सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। समझौते के तहत प्रो. आर.के. सोनी को विश्वविद्यालय की ओर से समन्वय और कार्यान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सीईटीपी सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।




