प्रोटेस्ट के नाम पर पत्रकारों से बदसलूकी के मामलों में केस दर्ज करने की तैयारी, 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और आरएएफ जवान से कथित मारपीट व बदसलूकी के मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है। कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और शिकायतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की जांच की जा रही है।

नई दिल्ली। राजधानी में जारी विरोध-प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और सुरक्षा बलों के साथ हुई मारपीट व बदसलूकी की घटनाओं को दिल्ली पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कनॉट प्लेस क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान के साथ मारपीट के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं महिला और पुरुष पत्रकारों के साथ मारपीट, लूटपाट और अभद्रता के मामलों में भी पुलिस ने पीड़ितों की पहचान कर ली है और संबंधित शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार से लेकर अब तक इस प्रकरण से जुड़े कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों में मीडिया के प्रति आक्रोश देखा गया, जो बाद में हिंसा और बदसलूकी में बदल गया। एक घटना में महिला पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की गई, जबकि पुरुष पत्रकार को घेरकर उसके कपड़े फाड़ दिए गए, मारपीट की गई और उसका मोबाइल, घड़ी व चश्मा छीन लिया गया।
इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने मीडियाकर्मियों के माध्यम से पीड़ित पत्रकारों की जानकारी जुटाई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि उनकी शिकायतों के आधार पर औपचारिक रूप से मामले दर्ज किए जाएंगे। बताया गया है कि एक पीड़ित पत्रकार ने पहले ही संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करा दी है।




