यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने का ऐलान

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाने की घोषणा सीएम योगी आदित्यनाथ ने की है। उन्होंने सहायिकाओं की सैलरी 12 हजार रुपये करने की घोषणा की।

लखनऊ/एजेंसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय आठ हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। एक साथ चार हजार रुपये की इस वृद्धि का लाभ प्रदेश की करीब डेढ़ लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पिछले नौ वर्षों में दो हजार रुपये से बढ़ाकर छह हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा सहायिकाओं को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर और अतिरिक्त साड़ी भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय केंद्र जर्जर और अव्यवस्थित थे। उनका आरोप था कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार की सामग्री ईमानदारी से नहीं पहुंचती थी, जिसका खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे उनकी सरकार ने बढ़ाकर आठ हजार रुपये किया और अब इसे 12 हजार रुपये किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में आंगनबाड़ी के लिए मिलने वाली सामग्री और पोषाहार की व्यवस्था माफिया के नियंत्रण में थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को व्यवस्थित किया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को अपना टाट लेकर आना पड़ता था। केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं थी और गुणवत्तापूर्ण पोषाहार भी उपलब्ध नहीं कराया जाता था। उन्होंने तत्कालीन सरकार पर केंद्र से मिलने वाली राशि का उचित उपयोग नहीं करने और धनराशि के माफियाओं के हाथों में जाने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले अयोध्या में सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब थी। उनके अनुसार, विश्वप्रसिद्ध अयोध्या धाम में उस समय सीमित समय के लिए बिजली उपलब्ध होती थी और शहर में अव्यवस्था का माहौल था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या के विकास की दिशा में काम किया तो समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन के निर्माण और महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डे के निर्माण का भी विरोध किया। उन्होंने सपा को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या में व्यापक स्तर पर विकास कार्य कराए हैं। इस दौरान उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटनाओं का भी जिक्र किया और सपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।

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