वाहन चोरी की दर्ज कराता झूठी रिपोर्ट, फिर क्लेम करता था बीमा

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो बीमा क्लेम लेने के लिए पुरानी वाहनों की झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाता था। झूठी प्राथमिकी दर्ज करवा आरोपित विभिन्न बीमा कंपनियों से लाखों बीमा क्लेम ले चुका है। इसकी निशानदेही पर चोरी की तीन कार, मोबाइल फोन व एक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बरामद हुई है। इससे पूछताछ के आधार पर अबतक नौ वाहनों की पहचान की गई है, जिसका बीमा क्लेम लेने के लिए ठग ने झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
बीमा क्लेम के लिए करता था झूठा दावा
विशेष आयुक्त अपराध शाखा रवींद्र सिंह यादव के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ठग का नाम राजबीर है। वह नजफगढ़ का रहने वाला है। वह वाहन चोरी की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराकर या वाहन को नष्ट कर बीमा क्लेम के लिए झूठा दावा करता था। अपराध शाखा में तैनात एसआई सुमित कुमार को सूचना मिली कि प्रेम नगर, नजफगढ़ का रहने वाला राजबीर नाम का व्यक्ति वाहन चोरी की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराकर या वाहनों को नष्ट कर झूठा बीमा क्लेम लेने का काम करता है। संयुक्त आयुक्त एसडी मिश्रा, डीसीपी सतीश कुमार,एसीपी यशपाल सिंह व इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में एसआइ सुमित कुमार, गौतम, एएसआइ दीपक, मनोबर खान, राजेश, हवलदार पंकज, महेश, राजेश, हरेंद्र, संदीप, सिपाही श्रीराम व मुकेश की टीम ने ठग राजबीर को प्रेम नगर, नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
पुराने वाहनों को चमकाकर करता था ठगी
पूछताछ में राजबीर ने बताया कि वह करीब एक साल से अधिक के समय से पुराने वाहनों को खरीदकर उसे ठीक करवाकर और डेंटिंग-पेंटिंग करवाकर चार-पांच लाख के मूल्य के लिए बीमा करवा लेता था। बाद में वह वाहन चोरी की झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाकर या उसे नष्ट कर बीमा कंपनियों से क्लेम के लिए दावा कर देता था। पुलिस का कहना है कि एक साल के दौरान वह 10 कारों का क्लेम ले चुका था। फर्जी तरीके से बीमा क्लेम हासिल करने के लिए वह अपने या अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाता था। राजबीर ने जिन नौ वाहनों की प्राथमिकी दर्ज कराई थी वे सब इसकी भाभी, चचेरे भाई व अन्य रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत पाई गई। राजबीर सिंह 12वीं तक पढ़ा है। वह आम तौर पर पुराने वाहन खरीदकर उसे पहले किराये पर ओला व उबर में लगा देता थाा और उससे किराये की आय अर्जित करता था।




