सहारनपुर के बाद अब मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन का खतरा,एमडीए का नोटिस, निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगे
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित मुस्तफा मस्जिद को ध्वस्त करने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अल्टीमेटम दे दिया है।

मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मुस्तफा मस्जिद को लेकर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की है। प्राधिकरण ने मस्जिद के प्रबंधन को निर्माण और मानचित्र स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी इस मस्जिद के निर्माण को प्राधिकरण ने कथित रूप से अनधिकृत बताते हुए उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया है।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विहित अधिकारी की ओर से मस्जिद के प्रबंधक को 21 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत नोटिस जारी किया गया था। इस धारा के तहत प्राधिकरण को अवैध या अनधिकृत निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का अधिकार है।
नोटिस में कहा गया है कि जोन-1 के एसजेड-1 क्षेत्र में ईदगाह, दिल्ली रोड पर टीएमयू के पास करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में मुस्तफा मस्जिद का निर्माण किया गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान निर्माण से संबंधित स्वीकृति के दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके आधार पर प्राधिकरण ने निर्माण को कथित अवैध और अनधिकृत बताया है।
नोटिस में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धाराओं 14 और 15 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि विकास प्राधिकरण की अनुमति प्राप्त किए बिना निर्माण किया गया है। प्राधिकरण ने मस्जिद प्रबंधन से निर्माण की स्वीकृति और मानचित्र से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
हालांकि, मस्जिद के इमाम हाफिज मुहम्मद शाने अजहरी ने बताया कि उन्हें नोटिस और निर्माण संबंधी दस्तावेजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह यहां केवल नमाज पढ़ाने का कार्य करते हैं। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दस्तावेजों के संबंध में स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
नोटिस में मस्जिद के प्रबंधक को तीन सितंबर 2026 को दोपहर एक बजे तक मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा गया था कि कथित अनधिकृत निर्माण को गिराने के आदेश क्यों न जारी किए जाएं। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद मस्जिद के भविष्य को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।



