पुणे के विलू पूनावाला अस्पताल में बिल विवाद, सीईओ पर बंदूक से धमकाने का आरोप, जांच शुरू
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कथित घटना सीईओ के कार्यालय के अंदर घटी, जहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। हालांकि, उनका दावा है कि कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर को कार्यालय में प्रवेश करते या निकलते समय हथियार लिए हुए देखा गया है।

कांती जाधव/महाराष्ट्र स्टेट हेड
पुणे/महाराष्ट्र। हडपसर स्थित विलू पूनावाला मेमोरियल अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ बिल भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मृतक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन से विवाद के दौरान सीईओ डॉ. लाला लाजपतराय आर्य ने बंदूक दिखाकर उन्हें धमकाया।
शिकायत के अनुसार, एक मरीज की इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई। इसके बाद शोकग्रस्त परिवार ने अस्पताल प्रशासन को सूचित किया कि वे तत्काल बकाया बिल चुकाने में असमर्थ हैं और भुगतान के लिए कुछ समय की मांग की। आरोप है कि इस दौरान सीईओ के कार्यालय में हुई बातचीत के दौरान डॉ. आर्य आक्रामक हो गए और कथित तौर पर बंदूक निकालकर परिजनों की ओर तान दी, ताकि उन पर भुगतान का दबाव बनाया जा सके।
पीड़ित परिवार ने हडपसर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद उन्हें सहानुभूति मिलने के बजाय डराया-धमकाया गया।
परिजनों का दावा है कि घटना सीईओ के कार्यालय के अंदर हुई, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय के बाहर लगे कैमरों में डॉक्टर को हथियार के साथ आते-जाते देखा जा सकता है। परिवार ने जांच के लिए संबंधित फुटेज सुरक्षित करने की मांग की है।
इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया है, जिसमें अस्पताल का एक बाउंसर घटना के दौरान हुई कहासुनी की पुष्टि करता हुआ सुनाई दे रहा है। इसे उन्होंने सहायक साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हडपसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नीलेश जगदाले ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया है और मामले की जांच जारी है।




