तिरुपति लड्डू विवाद का बीकानेर कनेक्शन: मिलावटी घी से बनाई 45 करोड़ की संपत्ति, ईडी की छापामारी में मिले बड़े सबूत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरुमला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) को मिलावटी घी की आपूर्ति करने वालों पर शिकंजा कसा है। ईडी ने इस मामले में 15 स्थानों पर छापामारी कर 60 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।

नई दिल्ली/एजेंसी। तिरुमला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) में मिलावटी घी सप्लाई करने वालों पर ईडी का शिकंजा कस गया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने इस मामले में अहिल्यानगर, बीकानेर, देहरादून, दिल्ली, डिंडीगुल, गुंटूर, मुंबई और रुड़की में 15 स्थानों पर छापा मारा। जांच से पता चला है कि टीटीडी को मिलावटी घी की सप्लाई से हुई काली कमाई को अचल संपत्तियों में निवेश किया गया। कंपनियों के मार्फत इस तरह से निवेश किया गया था कि उसके असली अवैध स्रोत का पता नहीं चले। ईडी अब ऐसी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करेगा।
छापे की कार्रवाई डिंडिगुल स्थित ए.आर. डेयरी फूड, अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और रुड़की स्थित भोले बाबा आर्गेनिक डेयरी मिल्क के डेयरी संयंत्र भी शामिल थे। इसके साथ ही पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्व विनायकंठ चावड़ा, मचिंद्र शंकरराव लांके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय परिसरों की भी तलाशी गई।
छापे के दौरान 60 लाख रुपये नकद के साथ ही ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त करने का दावा किया, जिनसे अपराध से प्राप्त धन को छिपाने और परतदार बनाने के लिए कानूनी संस्थाओं के जटिल नेटवर्क का उपयोग कर फर्जी बिक्री और खरीद लेन-देन के संकेत मिले हैं। ये सभी मिलावटी घी की खरीद से लेकर टीटीडी तक सप्लाई चैन में शामिल थे। इसके अलावा मिलावटी घी के सप्लाई से हुई काली कमाई से बनाई गईं 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों के दस्तावेजी सबूत मिले हैं।




