27 राज्‍य, 15 हजार किलोमीटर, 60 दिन,श्री राम दिग्विजय रथ यात्रा अयोध्या से हुई रवाना

अयोध्या,(उत्तर प्रदेश)। दशहरा के शुभ अवसर पर श्री राम दिग्विजय रथ यात्रा वैदिक मंत्रोच्चारण और श्री राम दरबार के पूजन के साथ गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। इस अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, यात्रा के संयोजक शक्ति शांतानंद महर्षि, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, शरद शर्मा, यात्रा व्यवस्था प्रमुख सुरेश सहित अनेक राम भक्त उपस्थित रहे। इस अवसर पर रूद्राक्ष के वृक्ष का रोपण और गो पूजन भी किया गया।
वीएचपी के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के मुताबिक, कारसेवकपुरम् में शस्त्र पूजन किया गया। यह काम सुबह मुहूर्त के अनुसार श्री राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य पंडित इंद्र देव मिश्र के मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय ने किया। चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा प्रमुख सुरेंद्र सिंह, कारसेवकपुरम् प्रभारी शिवदास आदि उपस्थित रहे। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा सामाजिक समन्वय के साथ उनकी वीरता को ग्रहण कर समाज स्वयं और राष्ट्र की सुरक्षा मे सहभागी बन सकता है। भगवान श्रीराम का कृतित्व सदैव असत्य को पराजित कर सत्य की विजय के रूप में रहा।

श्री रामदास मिशन की दिग्विजय रथयात्रा पड़ोसी देश नेपाल से होते हुए कुल 27 राज्यों से होकर गुजरेगी। मिशन के राष्ट्रीय मंत्री श्री शक्ति शांतानंद मानुषी के मुताबिक, रथयात्रा 15 हजार किमी की दूरी 60 दिनों में तय करेगी। रथयात्रा का समापन अयोध्या लौटने पर गीता जयंती पर होगा। श्रीराम की दिग्विजय यात्रा के माध्यम से सरकार से इंडिया को भारत घोषित करने, भारतीय शिक्षा में रामायण और असली इतिहास को शामिल करने की मांग की जाएगी। दिग्विजय यात्रा को अश्वमेघ यज्ञ की तर्ज पर विश्व कल्याण के लिए किया जा रहा है। श्री रामदास मिशन के राष्ट्रीय मंत्री श्रीशक्ति शांतानंद मनुषी ने बताया कि रामराज्य रथ यात्रा अयोध्या से गोरखपुर, गोपालगंज, सीतामढ़ी, जनकपुर, काठमांडू से पुनः अयोध्या में समाप्त होगी।

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