अजगर ने जकड़े दोनों पैर और पटक दिया जमीन पर, आधे घंटे तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा श्रमिक

कोटा/राजस्थान। कोटा में सोमवार को बड़ी घटना सामने आई है। कोटा थर्मल पावर प्लांट के अंदर यूनिट-5 की पाइपलाइन का वाॅल खोलने गए ठेका श्रमिक नंद सिंह हाडा को अजगर ने शिकार बनाने की नियत से जकड़ लिया। कुंडली मारकर अजगर ने दोनों पांव से हाडा को जकड़ा। बुजुर्ग श्रमिक नंद सिंह हाडा चिल्लाता रहा। आसपास काम करने वाले बाकी साथी श्रमिकों ने नंद सिंह हाडा की चिल्लाने की आवाज सुनी, तो वह उसे बचाने दौड़े। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है।
कड़ी मशक्कत करते हुए भारी भरकम अजगर से साथी श्रमिकों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत करते हुए हाडा को छुड़ाया। इस कश्मकश में अजगर अधमरा हो गया और नंद सिंह हाडा को जिंदा बचा लिया गया। उसे अस्पताल भेजा गया। मौके पर सूचना मिलने पर नगर निगम के स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने वन विभाग की टीम को अजगर सुपुर्द किया।
यह घटना दिन की 11:30 बजे की है। जब नंद सिंह हाडा पाइपलाइन का वाॅल खोलने गया था। इधर, झाड़ियां में छिप कर बैठे अजगर ने उसके दोनों पांव कुंडली मारकर जकड़ लिए। अजगर ने नंद सिंह हाडा को हिलने तक नहीं दिया। नंद सिंह हाडा मौके पर ही गिर पड़ा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। लगातार नंद सिंह हाडा के पांव की हड्डियों को वह जकड़ता जा रहा था और दर्द के मारे नंद सिंह हाडा की चीखे निकल रही थी। इस घटना को देखकर जो साथी श्रमिक नंद सिंह हाडा को बचाने पहुंचे वह आक्रोश में भर गए। उन्होंने पत्थर से लोहे के पाइप से हाड़ा को छुड़ाने के लिए अजगर पर हमला किया। उसके मुंह पर भी पत्थर मारे। जिससे वह बुरी तरह से घायल हुआ है। अधमरा कर दिया गया। फिलहाल अजगर को कोटा के अभेडा बायोलॉजिकल पार्क में रखा गया है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के डीएफओ मुथु एस ने मीडिया से कहा है कि लाठी डंडों पत्थर से पीट-पीट अजगर को घायल कर दिया गया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। अजगर को रेस्क्यू करके अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रखा गया है। डॉक्टर उसका ट्रीटमेंट कर रहे हैं। जिन लोगों ने अजगर पर हमला किया है, उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों की तलाश भी की जा रही है।





