थाना प्रभारी नहीं चला पाए पिस्टल, एसएसपी अनुराग आर्य ने किया सस्पेंड

The station in-charge could not fire the pistol, SSP Anurag Arya suspended him

  • एसएसपी अनुराग आर्य ने बरेली के इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड
  • थाना प्रभारी सरकारी पिस्टल चलाने में असफलता हो गए
  • जनसुनवाई से संबंधित मामलों में लापरवाही आई सामने

बरेली/उत्तर प्रदेश। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली फतेहगंज पश्चिमी थाना का निरीक्षण करने पहुंच गए। वहां देखा सब कुछ राम भरोसे चल रहा था। इंस्पेक्टर साहब से पिस्तौल चलवाई तो उनसे चल नहीं पाई। इस पर एसपी साहब को गुस्सा आया और इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने का आदेश दे दिए। बताया जा रहा है कि प्रभारी निरीक्षक सरकारी पिस्टल नहीं खोल पाए। थाने के अभिलेख और कार्यशैली को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक काफी नाराज दिखे। अधिकारियों के निर्देशों का भी प्रभारी निरीक्षक पालन नहीं कर रहे थे।एसएसपी अनुराग आर्य ने वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाने की पूरी व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया। इस निरीक्षण में महिला हेल्प डेस्क, मालखाना, मेस, कंप्यूटर कक्ष और थाना कार्यालय का निरीक्षण किया गया। थाना कार्यालय में प्रचलित अभिलेखों की जांच में बड़ी खामियां पाई गईं। जनसुनवाई संबंधी मामलों में भी थाना प्रभारी की रुचि न लेने की बात स्पष्ट हुई।
एसएसपी ने थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा से जनसुनवाई से संबंधित प्रकरणों पर जानकारी मांगी, लेकिन वह किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसएसपी ने पाया कि थाना प्रभारी के पास न तो जनसुनवाई से संबंधित रिकॉर्ड था और न ही उन्हें समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति की जानकारी थी। यह एक गंभीर लापरवाही थी, जिसे एसएसपी ने तुरंत संज्ञान में लिया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि थाना प्रभारी को जनसुनवाई के महत्व और उसकी प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जनता के लिए बनाए गए तंत्र का यह स्तर दिखाता है कि थाना प्रभारी अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह से लापरवाह थे। एसएसपी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि फतेहगंज पश्चिमी थाना में पुलिस प्रशासन के दिशा-निर्देशों का बिल्कुल पालन नहीं हो रहा था। बीट सिस्टम, जो अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क के लिए आवश्यक है, थाने में पूरी तरह से निष्क्रिय था। थाना प्रभारी को अपने स्वयं के शस्त्रों की जानकारी नहीं थी।
थाने में महिला अपराधों और ड्रग्स तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं में भी बढ़ोतरी हो रही थी। जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद, थाना प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा ने इन निर्देशों को पूरी तरह से अनदेखा किया। इसके अलावा, थाने के किसी भी उपनिरीक्षक को सरकारी शस्त्रों का आवंटन नहीं किया गया था।
समाधान दिवस पर प्राप्त प्रकरणों का निपटारा करने में घोर लापरवाही बरती गई थी। थाने में विवेचनाओं का पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा था, और थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी उचित दिशा-निर्देश देने में असमर्थ थे। ड्रग्स तस्करी के मामलों में भी थाना निष्क्रिय दिखा।
वार्षिक निरीक्षण के दौरान एसएसपी अनुराग आर्य ने पाया कि थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा ने अपने पद के दायित्वों का घोर उल्लंघन किया है। उनकी कार्यशैली में अनुशासनहीनता, उदंडता और कदाचार स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इन सभी कारणों से एसएसपी ने राजेश बाबू मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने थाने में सुधार लाने के लिए नए थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार चतुर्वेदी को नियुक्त किया है।

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