दिल्ली में कांवड़ियों के स्वागत के लिए बनाए गए 17 द्वार
सीएम रेखा गुप्ता कैबिनेट मंत्रियों संग रहेंगी मौजूद

नई दिल्ली। दिल्ली में कांवड़ियों के स्वागत के लिए महाकुंभ के तर्ज पर 17 स्वागत द्वार बनाए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 374 से ज्यादा शिविर लगाए गए हैं। यह जानकारी बुधवार को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने दी।
पूर्वी दिल्ली में अप्सरा बॉर्डर पर तीर्थयात्रियों के लिए लगाए गए शिविरों का निरीक्षण करते हुए मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि इस वर्ष 374 शिविर लगाए गए हैं जो पिछले साल 170 शिविरों की संख्या से दोगुने से भी अधिक हैं।
12 ज्योतिर्लिंगों के नाम पर रखे गए 12 द्वारों के नाम
उन्होंने कहा, ‘इस वर्ष की व्यवस्था ऐतिहासिक है। स्वागत द्वार हमारी भक्ति के प्रतीक हैं। इनमें (राष्ट्रीय राजधानी में स्थापित किए गए 17 द्वार) से 12 द्वारों का नाम 12 ज्योतिर्लिंगों पर रखा गया है, जबकि शेष द्वार भगवान शिव को समर्पित हैं।’
मंत्री ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए यातायात प्रबंधन, पानी, भोजन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी तैयारियां कर ली हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कई एजेंसियों को तैनात किया गया है।’
मंत्री ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अन्य कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में 20 जुलाई को खुद कांवड़ियों का स्वागत करेंगी।
सुरक्षा के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम सुचारू और सुरक्षित कांवड़ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।’ कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हुई जिसका समापन 23 जुलाई को होगा।




