राहुल गांधी बने दुकानदार! बिस्किट-चॉकलेट बेचते आए नजर

Rahul Gandhi became a shopkeeper! He was seen selling biscuits and chocolates

दक्षिणी दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किराना दुकानदारों की परेशानी जानने के लिए उनके साथ कुछ समय बिताया। व्यापार समझने के साथ ही भोगल, जंगपुरा स्थित किराना स्टोर पर ग्राहकों को एक दुकानदार की तरह बिस्किट और चॉकलेट भी बेचा। राहुल ने मंगलवार को अपनी इस यात्रा का वीडियो एक्स पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि किराना स्टोर्स सिर्फ सामान बेचने के जरिया भर नहीं हैं। इनका ग्राहकों के साथ भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव होता है। अब ऑनलाइन व्यापार के दौर में हजारों किराना स्टोर बंद हो रहे हैं, जो चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में हमें एक संतुलन बनाने की जरूरत है। एक ऐसा सिस्टम, जो तकनीक और नवाचार को प्रोत्साहित करे, पर उनके कारण जो प्रभावित हों, उन्हें सुरक्षा भी प्रदान करे। राहुल गांधी ने कहा कि जब हमारी अर्थव्यवस्था में बदलाव हो रहा हो और हम ग्लोबल ट्रेंड्स के हिसाब से आगे बढ़ रहे हों तब यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि छोटे कारोबारियों का नुकसान न हो।
इस दौरान राहुल गांधी कुछ समय के लिए दुकानदार बने नजर आए। दुकानदारों से उनकी पीड़ा भी सुनी। दुकानदारों ने मॉल और सेवा कर (जीएसटी) पर अपनी निराशा भी जाहिर की, उन्होंने कहा कि अब वे पिछली वैट प्रणाली की तुलना में ‘चार गुना अधिक कर’ का भुगतान करते हैं।
उधर, राहुल गांधी ने किसानों को लेकर भी अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट डाली है। उन्होंने लिखा कि किसान सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखने और अपनी पीड़ा को व्यक्त करने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं‌। उन पर आंसू गैस के गोले दागना और उन्हें तरह-तरह से रोकने का प्रयास करना निंदनीय है। सरकार को उनकी मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। यह भी पढ़ें- ‘दूसरे कदम उठाने होंगे’, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर अन्नदाताओं की तकलीफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज देश में हर घंटे एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं। मोदी सरकार की घोर असंवेदनशीलता के कारण पहले किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की शहादत को भी देश नहीं भूला है।
हम किसानों की पीड़ा को समझते हैं और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं। एमएसपी की लीगल गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफिरिशों के अनुसार खेती की व्यापक लागत का 1.5 गुना एमएसपी, कर्ज माफी समेत तमाम मांगों पर सरकार को तुरंत अमल करना चाहिए।

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