जम्मू में मिड डे मील बनाने वाली कुक-कम-हेल्पर महिलाओं ने कम दिहाड़ी और स्थायी नीति की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

जम्मू में मिड डे मील बनाने वाली कुक-कम-हेल्पर महिलाओं ने 25 रुपये प्रतिदिन की कम दिहाड़ी और स्थायी नीति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है।

जम्मू/एजेंसी। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार करने वाली महिलाओं का गुस्सा मंगलवार को उस समय फूट पड़ा, जब बड़ी संख्या में कुक-कम-हेल्पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीइओ) जम्मू के कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे पिछले कई वर्षों से स्कूल शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन सरकार ने आज तक उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें आज भी मात्र 25 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी मिलती है, जिससे महीने में मुश्किल से 900 रुपये की आय हो पाती है।
बढ़ती महंगाई के दौर में इतने कम पैसे से परिवार चलाना असंभव हो गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे कि सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट बैठक में उन्हें स्थायी किया जाएगा और उनका मानदेय बढ़ाया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद उनके मुद्दे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सीइओ कार्यालय के बाहर धरना दिया और कुछ समय के लिए कार्यालय के भीतर से किसी को बाहर तथा बाहर से किसी को अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नेता चुनाव जीतने के बाद अपने वेतन और पेंशन बढ़ाने में देर नहीं लगाते, लेकिन गरीब मजदूरों और कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने का समय किसी के पास नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस नीति नहीं बनाई और उनका वेतन नहीं बढ़ाया, तो यह प्रदर्शन आगे चलकर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।महिलाओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हजारों स्कूलों में काम कर रहीं कुक-कम-हेल्पर अब अपने सब्र की सीमा पार कर चुकी हैं और सम्मानजनक वेतन तथा स्थायी नीति की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगी।

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