संदेसरा ब्रदर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 5100 करोड़ जमा करने के बाद मिली क्लीन चिट

नई दिल्ली/एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से चले आ रहे वित्तीय और आपराधिक विवाद को समाप्त करते हुए संदेसरा मामले का निपटारा कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने 19 नवंबर के आदेश का पालन करते हुए कुल 5100 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
इसके बाद शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि धन जमा करने और ऋणदाता बैंकों के साथ निपटान के संबंध में उसके पूर्व निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अधिवक्ता हेमंत शाह ने सुनवाई के दौरान अनुपालन की पुष्टि की।
जस्टिस जेके माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की पीठ ने पाया कि न्यायालय की 16 दिसंबर की कार्यालय रिपोर्ट में जमा राशि का सत्यापन किया गया था और अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। इसे देखते हुए अदालत ने रजिस्ट्रार (न्यायिक प्रशासन) को निर्देश दिया कि वह उचित सत्यापन के बाद ऋणदाता बैंकों को आनुपातिक आधार पर 5100 करोड़ रुपये का वितरण करें।
संदेसरा बंधुओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने बताया कि मूल एफआइआर लगभग 5383 करोड़ रुपये के कथित बकाये से संबंधित थी, जबकि अब तक की गई वसूली लगभग 9800 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह प्राथमिकी में उल्लिखित राशि से लगभग दोगुनी है।
स्टर्लिंग ग्रुप पर 2017 में भारतीय बैंकों से करीब 12 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इसके बाद कंपनी के प्रमोटर नितिन और चेतन संदेसरा देश छोड़कर फरार हो गए। 2018 में उन्हें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के साथ 14 भगोड़े आर्थिक अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि संदेसरा बंधु अगर 5100 करोड़ रुपये जमा कर देते हैं तो उनके खिलाफ चल रही सभी लंबित आपराधिक और जांच पूर्णत: समाप्त मानी जाएगी।

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