अवैध अतिक्रमण हटवाने में मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत, मामले में एसडीएम, लेखपाल, एसएचओ समेत कई पर एफआईआर दर्ज

कानपुर देहात, (उत्तर प्रदेश)। मड़ौली गांव में अवैध अतिक्रमण हटवाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम की कब्जेदार से झड़प हो गई। जिसके बाद संदिग्ध हालात में झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। बचाने आए पिता-पुत्र भी झुलस गए। घटना में 23 बकरियों की भी जलकर मौत हो गई। पीड़ित पक्ष ने तहसील अधिकारियों व लेखपाल पर आग लगाने का आरोप लगाया है। जबकि डीएम ने कब्जेदार के खुद आग लगाने की बात कही है। जिसके उनके पास साक्ष्य भी हैं। रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव निवासी कुछ लोगों ने सोमवार को गांव के कृष्ण गोपाल दीक्षित पर सरकारी जमीन में अवैध कब्जा करने व मंदिर बनवाने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। मामले में डीएम ने एडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दोपहर को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार, रूरा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटवाने मड़ौली गांव पहुंचे।
जिस पर कब्जेदार कृष्णगोपाल, उसकी पत्नी व अन्य परिजनों से झड़प हो गई। इसी दौरान संदिग्ध हालात में झोपड़ी में आग लग गई। जिससे प्रमिला देवी (55) व उनकी बेटी नेहा दीक्षित (21) की जिंदा जलकर झोपड़ी में ही मौत हो गई। वहीं पास बंधी 23 बकरियों की भी जलकर मौत हो गई। जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। घटना के बाद राजस्व व पुलिस अधिकारी मौके से चले गए। मृतका के पिता कृष्णगोपाल व पुत्र शिवम दीक्षित उर्फ छोटू ने बताया कि वह काफी समय से जमीन पर निवास कर रहे हैं। जिसका मामला भी कोर्ट में चल रहा है। इसके बावजूद अधिकारी जबरन जमीन खाली करा रहे हैं। आरोप लगाया कि गांव के विपक्षियों समेत तहसील अधिकारियों, लेखपाल व पुलिस कर्मियों ने झोपड़ी में आग लगा दी। जिससे पत्नी व पुत्री की जलकर मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर मंडलायुक्त राजशेखर, आईजी कानपुर प्रशांत कुमार, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एएसपी घनश्याम चैरसिया मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से घटना के बावत जानकारी। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने तक शव न उठने की जिद पर अड़े रहे।
मड़ौली गांव में आग से मां-बेटी के जिंदा जलने से मौत की जानकारी पर प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम के बावत जानकारी ली। कहा कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे इसके लिए कितनी भी लड़ाई लड़ना पड़े। राज्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद व न्याय का आश्वासन दिया।
घटना के पश्चात वादी शिवम दीक्षित पुत्र कृष्ण गोपाल दीक्षित द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना रुरा में मु0अ0स0 38/2023 धारा 302/307/436/429/323/34 भा0द0वि० बनाम 1. अशोक दीक्षित, 2. अनिल दीक्षित पुत्रगण सिपाहीलाल, 3. निर्मल दीक्षित पुत्र सनेश प्रसाद, 4. विशाल दीक्षित पुत्र गेलाल दीक्षित निवासीगण ग्राम मड़ौली आदि और अन्य के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है। अन्य सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है, दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जायेगी।




