दिल्ली पुलिस ने किया नाइजीरिया से संचालित एक गिरोह का भंडाफोड़, एक महिला समेत छह ड्रग तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नाइजीरिया से संचालित एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो नाइजीरियाई और एक महिला समेत छह ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन्हें दिल्ली, ग्रेटर नोएडा और बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। इनमें दो नाइजीरियाई और चार दक्षिण भारत के तस्कर हैं। इनके कब्जे से 21 करोड़ रुपये कीमत की सात किलो मेथामफेटामाइन ड्रग्स बरामद हुई है। पुलिस अभी तक ड्रग्स के स्रोत का पता नहीं लगा पाई है कि ये ड्रग्स कहां तैयार की जाती हैं। गिरोह के सदस्य पहले बेंगलुरु से ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। वहां पुलिस का दबाव बढ़ने पर कुछ ने दिल्ली को अपना ठिकाना बनाया और नाइजीरिया में रह रहे सरगना के निर्देश पर बेंगलुरु, केरल और दक्षिण भारत के विभिन्न इलाकों में ड्रग्स की आपूर्ति शुरू कर दी।
संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार का कहना है कि 19 जुलाई को अपराध शाखा को सूचना मिली कि केरल में एनडीपीएस के कई मामलों में वांछित सुहैल नाम का तस्कर दिल्ली से बेंगलुरु, केरल और दक्षिण भारत के विभिन्न इलाकों में ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा है।
डीसीपी हर्ष इंदौरा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने दक्षिण-पश्चिम जिले के बीएनबी गेस्ट हाउस से सुहैल को गिरफ्तार किया। वह केरल के कन्नूर का रहने वाला है। उसके कब्जे से 5950 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया गया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह बेंगलुरु और केरल में उक्त ड्रग्स की आपूर्ति करता था। उसके फोन की जांच से छतरपुर में रहने वाले एक अफ्रीकी नागरिक का नाम सामने आया। उसे मोहन गार्डन से पकड़ा गया। टोबी डेको के कमरे में उसकी पहचान हुई। उसके कब्जे से 64 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि वह कई सालों से बेंगलुरु में रह रहा था और सुहैल को ड्रग्स की आपूर्ति करता था। बेंगलुरु में तस्करों के खिलाफ कार्रवाई होने पर वह दिल्ली आया था। उसने बताया कि उसने पिछले हफ्ते सुहैल और सुजिन को कई किलोग्राम मेथामफेटामाइन की आपूर्ति की थी।
उसने यह भी बताया कि उसके सिंडिकेट का सरगना नाइजीरिया में रहता है। उसने बताया कि उसे ड्रग्स दिल्ली में रहने वाली एक अफ्रीकी महिला से मिलती थी बेंगलुरु में कई दिनों की जांच के बाद, घनी आबादी वाले गेस्ट हाउस और पीजी से भरे इलाके में स्थित एक पीजी आवास से सुहा फातिमा उर्फ ​​नेहा और मोहम्मद जाहिद उर्फ ​​फिरोज को गिरफ्तार किया गया।
दोनों से पूछताछ के बाद, पुलिस टीम ने ग्रेटर नोएडा, सेक्टर एक से चिकवाडो नाका किंग्सले को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सुहैल ने बताया कि उसने एक साल तक दुबई में काम किया। वापस आने के बाद, उसने 2019 में मेथामफेटामाइन का सेवन शुरू कर दिया।
2020 में, केरल पुलिस ने उसे पाँच ग्राम मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद वह केरल चला गया और अपनी लत पूरी करने के लिए धीरे-धीरे कम मात्रा में मेथामफेटामाइन बेचने लगा। एक साल में जैसे-जैसे उसके ग्राहकों की सूची बढ़ती गई, उसने व्यावसायिक मात्रा में कारोबार करना शुरू कर दिया। उसके ज़्यादातर ग्राहक बेंगलुरु में रहने वाले केरलवासी हैं।
उसने ड्रग्स की आपूर्ति के लिए डेड ड्रॉप्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। झाड़ियों में या सड़क किनारे किसी सुनसान जगह पर ड्रग्स गिराने के बाद, वह ग्राहकों के साथ तस्वीर और लोकेशन साझा करता था। 2024 में, उसके सिंडिकेट के कई सदस्यों को केरल पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया था।

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