गाजियाबाद में महंगे किराए से मिलेगी मुक्ति, महिलाओं को सस्ते हॉस्टल की सुविधा

Ghaziabad will provide relief from expensive rent, women will get cheap hostel facility

  • नौकरी पेशा महिलाओं को सस्ते हॉस्टल की सुविधा देने की तैयारी
  • डेढ़ साल पहले भेजे प्रस्ताव को मिली मंजूरी, 24 करोड़ का बजट पास
  • 100 बेड के हॉस्टल में लाइब्रेरी, पार्क समेत एसी कमरों की होगी सुविधा

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रहने वाली कामकाजी महिलाओं को महंगे किराये से मुक्ति दिलाने के लिए जल्द ही नगर निगम सस्ता हॉस्टल बनाएगा। निगम की ओर से करीब डेढ़ वर्ष पहले भेजे गए प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी मिल गई है। परियोजना के तहत वर्किंग विमेन के लिए 100 बेड का हॉस्टल बनाने का फैसला किया गया था। शासन ने इस प्रॉजेक्ट के लिए 24.40 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। हालांकि शुरुआत में नगर निगम की तरफ से कहा जा रहा था कि 18 करोड़ रुपयों में ही प्रॉजेक्ट पूरा हो जाएगा। नगर विकास विभाग की ओर से मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत इस प्रॉजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
मरियम नगर में क्राइस्ट चर्च के पास नगर निगम की लगभग 2000 स्क्वायर मीटर की जमीन पर इस हॉस्टल को बनाए जाने का प्रस्ताव है। पूर्व में इस जमीन पर अतिक्रमण था, जिसे कुछ महीने पहले ही नगर निगम ने खाली करवाया है। यहां पर तीन मंजिला इमारत में 100 बेड के लिए कमरे बनाए जाएंगे। साथ ही किचन की भी व्यवस्था होगी। एसी और नॉन एसी कमरों का भी प्रावधान होगा। हालांकि इनमें कितने एसी और नॉन एसी कमरे होंगे, यह अभी तय किया जाना बाकी है।
नगर निगम की तरफ से बनाए जाने वाले इस हॉस्टल में लाइब्रेरी और पार्क की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी, जहां वर्किंग महिलाएं अपने खाली वक्त में पार्क में सैर कर सकेंगी वहीं लाइब्रेरी में जाकर अपनी मनपसंद किताब पढ़ सकेंगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इसका सबसे अधिक फायदा गाजियाबाद के प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पढ़ाने वाली महिलाओं व युवतियों को होगी। उन्हें रहने की जगह नहीं मिलने पर वह महंगे पीजी और फ्लैटों में रहने को मजबूर होती हैं।
डूडा की तरफ से राज्य महिला और बाल मंत्रालय को 50-50 बेड के दो वर्किंग विमेन हॉस्टल बनाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है। एक नेहरू नगर में और सर्वोदय नगर में इन्हें बनाने का प्रस्ताव है। डूडा नेहरू नगर में जीडीए की ओर से बनाए गए पुराने हॉस्टल को तोड़कर उसकी जगह पर नया निर्माण करेगा। इसके लिए जीडीए वीसी ने प्रमुख सचिव को इस पुराने हॉस्टल हैंडओवर करने के लिए पत्र भी लिख दिया है। मामले में सीडीओ अभिनव गोपाल ने बताया कि कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिए तीन दिन पहले ही प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पास होने के बाद आगे की कारवाई की जाएगी।
जर्जर हो चुके मोहन नगर के कार्यालय को भी तोड़कर उसका दोबारा से निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भी 13.58 करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया है। नगर निगम ही इसका भी निर्माण कराएगी। जहां कर्मचारियों के लिए सारी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी ने कहा कि योजना के लिए बजट पास हो गया है । अब इसका फाइनल डीपीआर बनाया जाएगा। ऐसे में बेड की संख्या ऊपर नीचे हो सकती है। साथ ही, कार्यालय के निर्माण के लिए भी जल्द काम शुरू किया जाएगा। नगर निगम की मीटिंग में आगे के फैसले नगर आयुक्त के स्तर पर लिए जाएंगे।

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