पहलवानों के समर्थन में आईं खाप पंचायतें, दिल्ली की सीमा बंद करने की धमकी

- धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में खाप और किसान संगठन
- पहलवानों के समर्थन में दिल्ली की सीमा बंद करने की धमकी दी
- बता दें बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग की जा रही
नई दिल्ली।रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे देश के शीर्ष पहलवानों के समर्थन में अब विभिन्न खाप और किसान संगठन खुलकर सामने आ गए हैं। प्रदर्शन के चौथे दिन बुधवार को पूरे दिन खाप और किसान संगठन के प्रतिनिधियों के आने का सिलसिला लगा रहा। इस दौरान मंच से कहा गया कि 1430 गांवों की खाप ने सरकार से कह दिया है कि अगर मांगें जल्दी नहीं मांगी गई तो हम दिल्ली बॉर्डर को सील कर देंगे। हम दिल्ली के विभिन्न गांवों में जाकर वहां के चौराहों को बंद कर देंगे।
भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी ने मंच से ऐलान किया कि हमने सरकार को शुक्रवार तक का समय दिया है। अगर तब तक हमारे पहलवानों की मांगें नहीं मानी जाती हैं और बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो हम हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के किसान दिल्ली की सीमा चारों तरफ से बंद कर देंगे। मंच से बोलते हुए पदाधिकारी ने कहा कि जब हमने किसान आंदोलन किया था उस समय भी इस सरकार ने उसे एक राज्य और जाति विशेष का आंदोलन बताकर उसे दबाने की कोशिश की थी। इस बार भी इसे हरियाणा राज्य का मामला बताकर अनसुना किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि खिलाड़ी पूरे देश के होते हैं, वह पूरे देश के लिए मेडल जीतते हैं। एक किसान नेता ने कहा कि शुक्रवार के बाद पूरे जंतर-मंतर पर टेंट ही टेंट नजर आएंगे और हम सभी यहीं आकर बैठ जाएंगे।
इस बीच बुधवार को भी जंतर-मंतर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का आना-जाना लग रहा। आम आदमी पार्टी की नेता प्रमिला टोकस जब मंच पर आईं तो आंदोलनरत पहलवानों ने उनसे बिजली व्यवस्था दुरुस्त करवाने की मांग की। पहलवानों ने कहा कि हमारी बिजली बार-बार काटकर हमें परेशान किया जा रहा है। बिजली तो केजरीवाल जी के हाथों में है, इसमें तो आप हमारी मदद कर सकती हैं।
आंदोलनरत पहलवानों ने धरनास्थल पर ही अपनी तैयारी के लिए दो मैट लगवाना चाहा था। लेकिन, प्रशासन ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। विनेश फोगाट के पति सोमवीर ने कहा कि प्रशासन से इजाजत नहीं मिलने के बाद पहलवानों ने गद्दे पर ही कोच सुजीत मान के निर्देशन में सुबह प्रैक्टिस की। कुछ पहलवान आस-पास के अखाड़ों में चले गए और वहां से प्रैक्टिस करके धरनास्थल पर लौट आए। अगर हमें आगे भी इजाजत नहीं मिलती है तो हम ऐसे ही करेंगे क्योंकि हम तैयारी नहीं छोड़ सकते।
सत्यपाल मलिक भी पहुंचे
बुधवार को खिलाड़ियों के समर्थन में जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि देश का नाम रोशन करने वालों को आज न्याय की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। व्हील चेयर पर आए मलिक ने कहा, ‘जब हमारे खिलाड़ी, हमारी बेटियां मेडल जीतकर आती हैं तो उन्हें बेशर्मों की तरह अपने घर पर बुलाते हैं। उनके साथ चाय पीते हैं और तस्वीरें खिंचवाते हैं। लेकिन आज ऐसा दिन आ गया कि खिलाड़ियों को सड़कों पर उतरना पड़ गया है। हमें शर्म से डूब मरना चाहिए। मैं अपने पहलवानों से कहता हूं कि इस लड़ाई में वो अकेले नहीं हैं। मैं भी उनके साथ हूं। मैं खुद गांवों में जाऊंगा और खापों से कहूंगा कि वो लोग यहां आएं और हमारी बेटियों की मदद करें।’




