कड़कड़डूमा कोर्ट ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को जारी किया समन

दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को भाजपा सांसद गौतम गंभीर को अदालत  के पास प्रिया एन्क्लेव में एमसीडी की जमीन पर कथित तौर पर अनधिकृत पुस्तकालय बनवाने को लेकर दाखिल एक मुकदमे में समन जारी किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह जमीन डंपिंग यार्ड के लिए निर्धारित थी। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सीनियर सिविल जज हिमांशु रमन सिंह ने गौतम गंभीर को 13 दिसंबर को समन किया। याचिकाकर्ता अधिवक्ता रवि भार्गव और रोहित कुमार महिया ने गौतम गंभीर और एमसीडी के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गौतम गंभीर को कथित अवैध निर्माण  का इस्तेमाल करने से रोकने का आदेश देने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि मुकदमे को सीपीसी की धारा 91 के तहत माना जा सकता है। याचिकाकर्ताओं की दलील पर अदालत ने प्रतिवादी को समन जारी किया। सूत्रों के मुताबिक मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि गौतम गंभीर ने एमसीडी के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से उक्त जमीन पर अनधिकृत रूप से पुस्तकालय का निर्माण किया है। इस जमीन का इस्तेमाल पहले डंपिंग यार्ड के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि पहले एमसीडी के अधिकारियों ने 300 वर्ग गज जमीन खाली कराई, फिर भाजपा सांसद ने कथित तौर पर बिना किसी वैध अनुमति के उस पर कब्जा कर लिया।

याचिका में भाजपा विधायक अनिल वाजपेयी की ओर से उपराज्यपाल को भेजी गई एक शिकायत/पत्र का भी उल्लेख किया गया है।याचिकाकर्ताओं ने मामले में एक अंग्रेजी अखबार में 7 अक्टूबर, 2022 को प्रकाशित एक लेख का भी जिक्र किया है। इसमें गौतम गंभीर ने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने पुस्तकालय के निर्माण के लिए किसी प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से एमसीडी को जमीन पर कब्जा वापस लेने का निर्देश देने की मांग की है। साथ ही अवैध निर्माण को गिराने का निर्देश देने को कहा है।

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